पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, दुनिया को कह गए अलविदा साथियों

केशुभाई पटेल ने 2012 में भाजपा छोड़ दी और अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी 'गुजरात परिवर्तन पार्टी' बनाई

गांधीनगर: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल को सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उनकी मृत्यु हो गई। केशुभाई पटेल 92 साल के थे। उनके निधन पर वर्तमान में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने दुख जताया है और परिवार के लोगों से बात की है।

कोविड-19 की चपेट में केशुभाई पटेल

साल 2020 मौत का साल बन गया है। इस साल ने कोविड-19 के आ जाने से कई बड़े-बड़े दिग्गजों को मौत के आगोश में ले लिया है। केशुभाई के बेटे ने बताया कि कोविड-19 से उबरने के बाद भी लगातार उनकी सेहत बिगड़ रही थी। सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया गया, जहां उन्होंने कोई हलचल नहीं की। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सीएम के रूप में कार्यकाल

केशुभाई पटेल ने 1995 और 1998 से 2001 तक गुजरात के सीएम के रूप में कार्य किया। छह बार गुजरात विधानसभा के सदस्य रहे केशुभाई पटेल ने 2012 में भाजपा छोड़ दी और अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी ‘गुजरात परिवर्तन पार्टी’ बनाई। उन्हें 2012 के राज्य विधानसभा चुनाव में विसावदर से जीत हासिल हुई। लेकिन बाद में वह बीमार होने के कारण 2014 में उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया।

दिग्गज नेता केशुभाई पटेल

गुजरात के दिग्गज नेताओं की जब भी गिनती होती है तो, उसमें केशुभाई पटेल का नाम सबसे आगे होता है। उन्होंने जनसंघ के समय से ही पार्टी के लिए काम किया। वह राज्य में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री बनने वाले ‘पहले’ नेता थे। पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन में लंबे समय तक केशुभाई के साथ काम किया है। पीएम मोदी अक्सर ही उनसे आशीर्वाद लेने जाया करते थे।

राजनीतिक जीवन की शुरुआत

केशुभाई पटेल का जन्म सन् 1928 में जूनागढ़ जिले के विसावदर शहर में हुआ था। वे 1945 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में प्रचारक के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ के लिए एक कार्यकर्ता के रूप में की, जिसके वे संस्थापक सदस्य थे।

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