पूर्व विधायक व कांग्रेसी नेता वारिश अली का निधन, तालाब में मिला शव

बहराइच: जिले के नानपारा विधानसभा सीट पर बसपा टिकट से विधायक रह चुके व वर्तमान कांग्रेसी नेता वारिश अली की तालाब में डूबने से मौत हो गई। पूर्व विधायक का शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस के आला आधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शव को तलाब से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घर के पीछे बने तालाब में मिला शव

मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली नानपारा के मिहींपुरवा रोड निवासी वारिश अली (44) का शव रविवार सुबह नानपारा स्थित आवास के पीछे तालाब से मिला है। पूर्व विधायक के भाई हकीकत अली ने बताया कि वो रोज सुबह पांच बजे उठकर टहलते हुए घर के पीछे बने तालाब में मछलियों को दाना डालते थे। आज भी वह मछलियों को दाना डालने गये थे, जहां पर शायद पैर फिसलने से वो तालाब में गिर गए। विधायक की मौत की सूचना मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बता दें कि साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में वारिश अली ने कांग्रेस के टिकट पर नानपारा से विधायक पद के लिए चुनाव लड़ा था।

पल्लेदारी से विधायक तक का सफर

वारिश अली को लोग जमीन से जुड़ा हुआ नेता मानते थे। उन्होंने अपना राजनीतिक सफर बहुत मुश्किल दौर से शुरू किया। राजनीति में आने से पहले वह मिहींपुरवा में ही वह पल्लेदारी व टेंट की दुकान चलाते थे। कुछ समय बाद पल्लेदारों ने उन्हें वर्ष 2003 में अपना नेता चुना। उन्होंने कई आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धीरे-धीरे नानपारा विधानसभा में उनकी अलग पहचान बनने लगी।

2007 में बसपा से बने विधायक

वारिश अली ने साल 2004 में बसपा की सदस्यता ली थी। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हेंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हालिस की, लेकिन परिसीमन होने के कारण बलहा विधानसभा का गठन हुआ। वह वर्ष 2013 में बसपा के चुनाव में नानपारा से दोबारा चुनाव लड़े, लेकिन इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2017 के विधानसभा चुनाव से वारिश अली कांग्रेस में शामिल हो गये। सपा-कांग्रेस गठबंधन में वह नानपारा विधानसभा एक बार फिर चुनाव लड़े, लेकिन यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

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