नवाज ने फिर किया पाक को बेनकाब, नाम लिए बिना पाकिस्तानी फौज पर साधा निशाना

नई दिल्लीः पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक बार फिर पाकिस्तान की सत्ता को सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तान की हुकूमत की बागडोर सेना के हाथ में होने का दावा किया है।

दरअसल बुधवार को पाकिस्तान स्थित इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने नवाज शरीफ को लंदन से पाकिस्तान वापस आने के लिए समन भेजा था। जिसके जवाब में नवाज शरीफ ने पाक सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

समन का जवाब देते हुए नवाज ने कहा कि “लोगों ने मुझे बताया है कि हमारी संसद को कोई और ताकत चला रही है। वो ही आकर सरकार को ये बताते हैं कि संसद के एजेंडे में क्या रहेगा और कौन से बिल पास होंगे। हम अपने ही देश में गुलाम बन गए हैं”। इसके अलावा नवाज ने बुधवार को अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पाक फौज से न मिलने की हिदायत दी है। ऐसे में जाहिर है नवाज का निशाना पाकिस्तानी फौज पर ही है।

नवाज ने अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल की बात साझा करते हुए कहा कि “2014 में हमारी सरकार के खिलाफ कुछ विरोध प्रदर्शन हुए थे। तब 2012 से 2014 तक ISI के चीफ रहे जहीर उल इस्लाम ने आधी रात को मुझे मैसेज कर इस्तीफा देने का फरमान दिया था। मुझे धमकी दी गई थी कि अगर मैंने इस्तीफा नहीं दिया तो गंभीर नतीजे होंगे और देश में मार्शल लॉ भी लगाया जा सकता है।

वहीं नवाज शरीफ की बेटी और उनकी पीर्टी की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने भी कुछ दिन पहले पाक सरकार से सवाल पूछा था कि, “सियासत से जुड़े मामले या कानूनी मसले तो संसद में ही तय होने चाहिए। आर्मी हेडक्वॉर्टर में इन पर बातचीत क्यों की जाती है”।

गौरतलब है कि पाकिस्तान लोकतांत्रिक देश होने का दावा है, लेकिन पाकिस्तान की सत्ता पर पाक फौज के इशारों पर चलने का आरोप लगता रहता है। जिसकी तसदीक नवाज शरीफ के बयान ने भी कर दी है।

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