गैंगरेप मामले में यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को उम्र कैद, 2 लाख रुपए जुर्माना

नई दिल्ली: चित्रकूट गैंगरेप मामले में यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

गायत्री प्रजापति को लखनऊ की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया था और अदालत ने कुछ दिन पहले अपना फैसला सुनाया था। वहीं, 4 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। शुक्रवार को कोर्ट में उसकी सजा का ऐलान किया गया।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी को उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं, गायत्री प्रजापति पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार चित्रकूट की पीड़ित महिला ने 18 फरवरी 2017 को लखनऊ के गौतम पल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. महिला का आरोप है कि खनन कार्य कराने के नाम पर गायत्री प्रजापति व अन्य दोषियों ने महिला को लखनऊ बुलाकर दुष्कर्म किया. साथ ही उसकी नाबालिग बेटी से भी दुष्कर्म का प्रयास किया गया।

महिला ने आरोप लगाया कि उसने इस बारे में यूपी के डीजीपी को लिखित शिकायत भी की, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 18 फरवरी, 2017 को गायत्री प्रजापति और बाकी आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के गौतम पल्ली पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

केस दर्ज होने के वक्त प्रजापति यूपी की अखिलेश सरकार में परिवहन मंत्री थे। इससे पहले वे राज्य सरकार में खनन मंत्री थे, जिसमें करोड़ों के घोटाले के आरोप में सीबीआई ने उनके घर और परिसर में छापेमारी की थी।

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