देवरिया सदर के लिए चार ब्राह्मणों में मुकाबला, BJP से सत्यप्रकाश मणि बने प्रत्याशी

देवरिया सदर के लिए चार ब्राह्मणों में मुकाबला, BJP से सत्यप्रकाश मणि बने प्रत्याशी

देवरिया: पूर्वांचल की मुख्य विधानसभा सीट देवरिया सदर में होने वाले उपचुनाव में जबरदस्त मुकाबला होने जा रहा है। 3 नवम्बर को होने वाले उपचुनाव चार ब्राह्मणों के बीच रोमांचक जंग का गवाह बनने को तैयार है। भारतीय जनता पार्टी विधायक जन्मेजय सिंह के निधन से ये सीट ख़ाली हुई थी। उपचुनाव में प्रदेश के चार प्रमुख दलों भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने यहाँ ब्राह्मण उम्मीदवारों को उतारा था।

चुनाव आयोग द्वारा उपचुनाव की अधिसूचना जारी होते ही सबसे पहले बसपा ने अपने उम्मीदवार के रूप में अभय नाथ त्रिपाठी के नाम का ऐलान किया था। जिसके बाद कांग्रेस ने विवादित छवि वाले मुकुंद भास्कर मणि को चुनाव में उतारा। यहां पर सपा ने बुधवार को अपने पूर्व मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी के नाम का ऐलान किया और फिर भाजपा ने प्रकाश मणि के नाम की घोषणा कर दी। हालांकि देवरिया सदर से सपा प्रत्याशी ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है।

देवरिया सदर विधानसभा में भाजपा की पैठ है। लेकिन अन्य दलों के ब्राह्मण प्रत्याशियों के दांव का असर अब उपचुनाव में पड़ना तय है। ये सीट ब्राह्मण बाहुल्य है। अन्य जातियों के मतदाताओं की भी खासी तादात है। अन्य लोग इस सीट पर निर्णायक की भूमिका में होंगे चूंकि चारों ब्राह्मण उम्मीदवारों के होने से यहाँ ब्राह्मण वोटों का बंटना तय है।

भाजपा प्रत्याशी राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर

भाजपा प्रत्याशी सत्यप्रकाश मणि भाजपा के मजबूत और प्रभावी कार्यकर्ताओं में से एक हैं। वे देवरिया में एक पीजी कालेज में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर भी हैं। डॉ. सत्यप्रकाश मणि बैतालपुर के उद्योपुर गांव के मूल निवासी है। इसने भाई अमर कंटक में कुलपति हैं।

बसपा प्रत्याशी सरकारी सेवा छोड़ राजनीति में उतरे

बसपा के उम्मीदवार अभय नाथ त्रिपाठी देवरिया में ही लेखपाल के पद पर कार्यरत रहे थे और सरकारी सेवा से VRS लेकर राजनीति में उतरे हैं। इससे पूर्व भी अभय नाथ त्रिपाठी बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं पर वो चुनाव ये हार गए थे।

कांग्रेस की अन्दरूनी कलह

कोंग्रस प्रत्याशी युवा हैं वहीँ ये उनका पहला चुनाव है। लेकिन उनके नाम की घोषणा कांग्रेस की अन्दरूनी कलह भी सामने आयी थी। कुछ दिन पूर्व जिला कांग्रेस कमिटी कार्यालय पर विवाद हुआ और मारपीट तक हो गई थी। मामला थाने तक पहुंच गया और मुकदमा तक दर्ज कराया गया था। ये अन्दरूनी कलह कांग्रेस के लिए यहाँ नासूर भी बन सकती है।

सपा प्रत्याशी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही कसया विधानसभा में लड़ चुके चुनाव

सपा ने देवरीया सदर से पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी को उतारा है। इससे पूर्व में ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ कसया विधानसभा में चुनाव लड़ चुके हैं। यहाँ कभी शाही तो कभी त्रिपाठी बारी-बारी से चुनाव जीतते आएं है।

अब यहाँ ब्राह्मण वोटों की साझेदारी होती है या एकतरफा कोई इनके वोट लेने में कामियाब होगा ये देखना दिलचसप होगा। देवरिया की जन समस्यायों के निराकरण के लिए जनता किसे वोट करती है और किसे कुर्सी देती है ये चुनावों के परिणाम के बाद सामने आएगा।

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