ताई “सुमित्रा महाजन” से हारे चार ये नेता दूसरी बार नहीं लड़ पाए चुनाव, कुछ ऐसी है वजह

कांग्रेस के पंकज संघवी ऐसे उम्मीदवार हैं, जो पहले भी सुमित्रा महाजन के सामने चुनाव हार चुके हैं और 21 साल बाद फिर मैदान में हैं, लेकिन इस बार उनका सामना महाजन से नहीं है। महाजन के नाम लगातार आठ बार एक ही लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड है। उनसे हारे चार ऐसे नेता हैं जिनकी राजनीति से सेवानिवृत्ति हो गई।

वे फिर कभी कोई चुनाव नहीं लड़ पाए। महाजन कभी लोकसभा चुनाव नहीं हारीं, लेकिन इस बार उन्होंने खुद ही चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लेकर खुद को उम्मीदवारी से दूर कर लिया। महाजन इस बार भी चुनाव लड़ने की तैयार कर चुकी थीं, लेकिन 75 वर्ष की उम्र पार कर चुके नेताओं को पार्टी ने टिकट नहीं देने का फैसला लिया था। इसकी जद में महाजन भी आ गईं।

हालांकि उनके विकल्प को खोजने के लिए संगठन को काफी लंबा समय लेना पड़ा और नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के एक दिन पहले उम्मीदवार घोषित हुआ। महाजन का मानना है चुनाव लड़ना राजनीति में बने रहने के लिए जरूरी नहीं है। बगैर लड़े भी राजनीति में सक्रिय रहा जा सकता है। वे इस बार भले ही चुनाव मैदान में न हों, लेकिन लगातार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की बैठकें ले रही हैं।

पार्टी ने इंदौर लोकसभा क्षेत्र में 30 साल बाद टिकट बदला। लगातार चुनाव जीत कर महाजन ने केंद्रीय मंत्री से लेकर लोकसभा स्पीकर बनने तक का सफर तय किया। कई सौगातें दी। इन 30 सालों में उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे कैलाश विजयवर्गीय ने एक दो बार खुद की दावेदारी भी जताई, लेकिन इस बार जब उनकी दावेदारी लगभग पक्की मानी जा रही थी तो उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लेकर सबको चौंका दिया। पार्टी ने महाजन से ही नए प्रत्याशी के लिए राय मांगी। महाजन ने शंकर लालवानी की पैरवी की। अब लालवानी मैदान में हैं।

111597 वोटों से हराया

इंदौर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत का खाता 1989 में खुल पाया था। 1980 में शीलकुमार निगम और 1984 में राजेंद्र धारकर को चुनाव हराकर प्रकाशचंद्र सेठी केंद्र की राजनीति में पहुंच चुके थे। 1989 में भाजपा ने सेठी के सामने नया प्रयोग करते हुए सुमित्रा महाजन को मैदान में उतारा। जनाधार वाले नेता सेठी को एक लाख वोटों से हराकर महाजन ने सबको चौंका दिया। उस चुनाव की हार के बाद सेठी घर बैठ गए। उसके बाद उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा।

Related Articles