अगर आप साइंस के स्टूडेंट है तो ये खबर जरूर पढ़ें

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periodic_tableलंदन। अगर आप साइंस के स्टूडेंट है और कमेस्ट्री आपका फेवरेट सबजेक्ट है तो अब आपको पेरियोडिक टेबल चार और नए एलीमेंट्स याद करने पढ़ेंगे। रसायन शास्त्र से जुड़े शोध का काम देखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ने पेरियोडिक टेबलम में नए एलीमेंट्स को जगह देने की मंजूरी दी है। बता दें कि इससे पहले 2011 में नए तत्वों के रूप में 114 और 116 को मंजूरी दी गई थी।

नए तत्वों को टेबल में 115, 117 और 118 नंबर की जगह मिलेगी। इसके साथ ही 113 नंबर के एलीमेंट की खोज के लिए क्रेडिट किसे देना है इसके बारे में भी फैसला कर लिया गया है। यानी अब ये एलीमेंट भी पेरियोडिक टेबल में आ जाएगा। इस एलीमेंट के लिए पहली बार एक एशियाई टीम को क्रेडिट मिलने जा रहा है।

कई और टीमों ने इस एलीमेंट की खोज करने का दावा किया था। पेरियोडिक टेबल में उन सभी कैमिकल एलीमेंट को उनके गुणों के आधार पर जगह दी जाती है जिन्हें वैज्ञानिक अब तक खोज पाए हैं। ये चारों एलीमेंट प्रकृति में तो नहीं पाए जाते लेकिन हल्के एलीमेंट्स के मेल से बनते हैं। हल्के एलीमेंट्स के मेल से बने ये अत्यंत भारी रासायनिक परमाणु बेहद अस्थिर हैं और सेकेंड के महज कुछ ही हिस्से के लिए अस्तित्व में आए।

इंटरनेशनल यूनीयन ऑफ प्योर एंड अप्लायड केमिस्ट्री पेरियोडिक टेबल की सातवीं कतार को पूरा करेगी। इसके बाद इन्हें नाम और नंबर दिया जाएगा। नोबेल विजेता रसायनशास्त्री रयोजी नोयोरी ने कहा है कि वैज्ञानिकों के लिए यह कदम ओलंपिक खेलों के स्वर्ण पदक से ज़्यादा अहम है।

क्या है पेरियोडिक टेबल

आवर्त सारणी (अंग्रेज़ी : Periodic Table) की सर्वप्रथम खोज मेण्डलीफ ने की थी। मोजले ने आधुनिक आर्वत सारणी बनाया जिसके अनुसार-

a- आर्वत सारणी में रखे हुए तत्वों के रासायनिक तथा भौतिक गुण उनके परमाणु क्रमांकों के आवर्ती फलन होते हैं।

b- आर्वत सारणी में उदग्र कतारों को समूह और क्षैतिज कतारों को अवधि कहते हैं।

c- इन तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों के आधार पर इन्हें चार उनके ब्लॉकों में विभाजित किया गया है।

1- S Block के तत्वों के सबसे अंतिम इलेक्ट्रॉन S उपकोश में होते हैं।

2– P Block के तत्वों के सबसे अंतिम इलेक्ट्रॉन P उपकोश में होते हैं।

3- इसी प्रकार d और f ब्लॉक के तत्वों के सबसे अंतिम इलेक्ट्रॉन d और f उपकोशों में होते हैं। d और f ब्लॉक के तत्त्व परिवर्ती संयोजकता प्रदर्शित करते हैं।

इस आधुनिक आर्वत सारणी में सात क्षैतिज पंक्तियाँ होती हैं जिन्हें आर्वत कहते हैं। आर्वत की संख्या तत्त्व के सबसे बाहरी कक्षा की संख्या को प्रदर्शित करतीं हैं। आर्वत सारणी में 9 उर्ध्वाधर खाने होते हैं जिन्हें समूह कहते हैं। पुनः 8 समूहों को दो-दो उपसमूह में विभाजित किया गया है। इन्हें A और B उपसमूह कहते हैं। उपसमूह A में स्थित किसी तत्त्व का अंतिम इलेक्ट्रॉन S या P उपकोश में होता है। d और f ब्लॉक के तत्त्व उपसमूह B के अंतर्गत आते हैं। 8वें समूह को 3 भागों में विभाजित करके सभी 9 तत्वों को उपयुक्त स्थान दिया गया है।

इस प्रकार कुल समूहों की संख्या 16 होती है जो इस प्रकार हैं- IA, IIA, IIIB, IVB, VB, VIB, VIIB, VIIIB, IB, IIB, IIIA, IVA, VA, VIA, VIIA, Zero.

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