घरेलू सत्र के लिए चार विकल्प, नहीं होगा महिला और जूनियर क्रिकेट

सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी को प्राथमिकता पर इसलिए रखा गया है क्योंकि 2021 का आईपीएल मार्च के आखिर या अप्रैल के शुरू से आयोजित होना है।

नयी दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोरोना महामारी के कारण विलम्ब हो गए घरेलू सत्र को कराने के लिए राज्य संघों के सामने चार विकल्प रखे हैं लेकिन इन विकल्पों में महिला और जूनियर क्रिकेट को कोई जगह नहीं मिली है।

बीसीसीआई में 2020-21 के घरेलू सत्र को आयोजित करने के लिए राज्य संघों के सामने चार विकल्प रखे हैं और इन विकल्पों में केवल रणजी ट्रॉफी, केवल सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी, रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी दोनों तथा सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी और 50 ओवरों का घरेलू टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी दोनों को शामिल किया गया है। राज्य संघों को अपने सुझाव दो दिसम्बर तक देने हैं। इन विकल्पों में महिला क्रिकेट और जूनियर क्रिकेट के लिए कोई जगह नहीं है।

बीसीसीआई ने इन टूर्नामेंटों के लिए तारीखें प्रस्तावित की

घरेलू टी-20 के लिए 20 दिसम्बर से 10 जनवरी तक की विंडो, रणजी ट्रॉफी के लिए 11 जनवरी से 18 मार्च तक की 67 दिनों की विंडो और विजय हजारे ट्रॉफी के लिए 11 जनवरी से सात फरवरी तक की विंडो रखी गयी है।

सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी को प्राथमिकता पर इसलिए रखा गया है क्योंकि 2021 का आईपीएल मार्च के आखिर या अप्रैल के शुरू से आयोजित होना है। बीसीसीआई इस बार एक और टीम जोड़ने पर विचार कर रहा है जिसके चलते जनवरी में खिलाड़ियों की बड़ी नीलामी हो सकती है।

राज्य संघों को रविवार को भेजे गए ईमेल में सचिव जय शाह ने कहा है कि कोरोना और यात्रा समस्याओं को देखते हुए बीसीसीआई छह बायो बबल बनाएगा। 38 टीमों को पांच एलीट ग्रुपों और एक प्लेट ग्रुप में बांटा जाएगा। एलीट ग्रुपों में छह-छह टीमें होंगी जबकि प्लेट ग्रुप में आठ टीमें होंगी।

बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने हाल में कहा था कि वह जनवरी से घरेलू सत्र शुरू करना चाहते हैं। बीसीसीआई ने आईपीएल 2020 को सफलतापूर्वक संयुक्त अरब अमीरात में 19 सितम्बर से 10 नवम्बर तक तीन मैदानों में कराया था।

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