सचिन पायलट के ही चार खास विधायक मित्रों ने बिगाड़ा था उनका प्लान

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राजस्थान:सचिन पायलट का खेल उनके ही चार करीबी विधायक मित्रों ने बिगाड़ डाला. ये चारों विधायक पायलट के खास दोस्तों में गिने जाते थे. सूत्रों का दावा है कि जयपुर में विधायक दल की बैठक से एक दिन पहले तक ये सभी पायलट के साथ ही थे. होटल आईटीसी के कैंप में भी रहे थे, लेकिन सचिन पायलट के गहलोत सरकार के अल्पमत के दावे से कुछ घंटे पहले ये दिल्ली पहुंचे.सूत्रों का दावा है कि पायलट के ये खास दोस्त, दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से जुड़े कुछ आला नेताओं से मिले. उन्हें पायलट की रणनीति के बारे में पूरी जानकारी दी. इतना ही नहीं कुछ सबूत भी सौंपे. फिर दो आला नेताओं में से एक ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को फोन कर सड़क मार्ग से इन चारों को जयपुर भिजवाया. जयपुर पहुंचते ही गहलोत सरकार के एक कैबिनेट मंत्री चारों को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. अगुवाई कर रहे नेता ने पायलट की पूरी रणनीति का खुलासा मय सबूत के गहलोत के सामने कर दिया. उसके बाद गहलोत ने खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए और विधायकों तथा मंत्रियों को सीएम हाउस बुलाकर समर्थन पत्र लिखवाए.सूत्रों के मुताबिक, गहलोत ने जयपुर में मौजूद पायलट कैंप के कुछ विधायकों और मंत्रियों से भी समर्थन-पत्र लिखवाए. शक के घेरे में चल रहे मंत्रियों और विधायकों के घर से लेकर उनके हर मूवमेंट पर पुलिस और इंटेलिजेंस का पहरा बिठा दिया गया. BTP के दो विधायकों के पायलट के पक्ष में जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस भेजकर उनकी घेराबंदी करा दी गई. रातभर पहरे के बाद सुबह बीटीपी के एक विधायक को विधायक दल की बैठक में लाया गया.गहलोत को कुछ निर्दलियों पर भी शक था. निर्दलियों पर एक दिन पहले ही पुलिस का पहरा बैठा दिया गया. घर के आगे भी पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए

फिर पुलिस की सुरक्षा में उन्हें घर से सीधे मुख्यमंत्री आवास लाया गया.विधायक दल की बैठक हुई और सभी को बसों में भरकर अपने करीबी बिजनेसमैन की होटल फेयरमाउंट में ले जाकर बाड़ेबंदी की गई. इसके बावजूद कुछ विधायक बहुमत से कम पड़ रहे थे. इस पर एक आदिवासी नेता की मदद से हेलिकॉ़प्टर भेज कर बांसवाड़ा से निर्दलीय विधायक रमिला खड़िया को रातों रात जयपुर लाया गया बाड़ेबंदी में. जबकि रमिला के खिलाफ ही एसओजी खरीद फरोख्त में संदिग्ध होने की जांच कर रही थी. ​

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