दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व में पौने चार हजार मतदान बूथों में बिजली ही नहीं

 इंदौर-उज्जैन संभाग की लोकसभा सीटों के अंतर्गत कुल 3770 पोलिंग बूथ ऐसे चिन्हित किए गए हैं जहां बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। दोनों संभागों के 15 जिलों में बिजली आपूर्ति की कमान संभालने वाली पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अब इन बूथों पर अस्थायी कनेक्शन देगी। कनेक्शन मतदान तारीखों से चार दिन पहले ही दे दिए जाएंगे। बिजली कंपनी के एमडी विकास नरवाल ने कंपनी क्षेत्र के सभी 15 जिलों के अधीक्षण यंत्रियों को इस संबंध में निर्देशित किया है। कंपनी के सभी जिला अधिकारियों को संबंधित लाइनमैन, जेई, एई की मदद से बूथों पर मतदान से कम से कम चार दिन पहले तक कनेक्शन दिए जाने का काम पूरा करने के लिए कहा गया है।

एमडी ने बताया कि कंपनी क्षेत्र के सभी 15 जिलों में कुल 18592 बूथ हैं। ये बूथ स्कूल, संस्था, कॉलेज, धर्मशाला जैसी सार्वजनिक जगह पर हैं। इनमें से 3770 पर बिजली का इंतजाम नहीं हैं। इन बूथों पर मप्रपक्षेविविकं अस्थायी बिजली कनेक्शन देगी। उन्होंने बताया कि इंदौर शहर में भी ऐसे बूथ हैं। इंदौर के शहरी क्षेत्र में ऐसे बूथों की संख्या 20 है। जबकि इंदौर के ग्रामीण क्षेत्र में 99 बूथ ऐसे हैं जहां बिजली नहीं है।

खंडवा में 61, बुरहानपुर में 33, खरगोन में 347, बड़वानी में 897, धार में 997, आलीराजपुर में 157 अस्थायी कनेक्शन दिए जाएंगे। एमडी नरवाल के मुताबिक उज्जैन जिले में 625, देवास में 219, शाजापुर में 112, आगर में 117, रतलाम में 6, मंदसौर में 64, नीमच में 16 बूथों पर बिजली कंपनी मतदान के उद्देश्य से अस्थायी कनेक्शन देगी।

उज्जैन संभाग में 1159 व इंदौर संभाग में 2611 बूथों के लिए अस्थायी कनेक्शन दिए जाएंगे। नरवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में 15 जिलों के अधिकारियों को निर्देशित भी किया है।

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