निर्भया केस में जारी हुआ चौथा डेथ वारंट, दोषियों में बढ़ी बेचैनी

नई दिल्ली:अदालत से चौथी बार डेथ वारंट जारी होते ही निर्भया के चारों दोषियों के होश उड़ गए। चारों दोषियों में घबराहट बढ़ते ही उनकी काउंसिलिंग व चिकित्सा जांच करवाई गई। कुछ देर तक जेल कर्मियों ने दोषियों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।

जेल सूत्रों का कहना है दोषियों को यह एहसास हो गया है कि अब उनकी फांसी तय है। इससे उनकी धड़कने बढ़ी हुई हैं। जेल प्रशासन ने भी इनकी सुरक्षा बढ़ा दी है और लगातार मेडिकल करवाया जा रहा है। इसके साथ ही चारों आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट ठीक है। दोषियों ने फांसी से बचने के लिए हर तरह की पैतरेबाजी की है।

बुधवार को जेल प्रशासन के डेथ वारंट जारी करवाने के लिए अदालत जाने के बाद से दोषियों की रात बड़ी मुश्किल से कटी। रातों को उनकी नींद अचानक खुल जाती है। साथ ही बातचीत कर इन्हें शांत करने की कोशिश करते रहते हैं। दोषी विनय खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुका है। इसलिए उस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

दोषियों को अलग-अलग फांसी दिए जाने की केंद्र की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च को सुनवाई की तारीख तय कर दी है। जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस बोपन्ना की पीठ को जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि निचली अदालत ने 20 मार्च को फांसी की तारीख तय की है। इस पर पीठ ने कहा, 23 मार्च को हम इस मामले में सुनवाई करेंगे और इस बीच फांसी हो भी जाए तो कोई बात नहीं। हम कानूनी पहलुओं पर ही विचार करेंगे।

Related Articles