चतुर्थ नवरात्री : मां कुष्मांडा देवी की विशेष पूजा से पूरे होंगे मनोवांछित फल, ये विधि अपनाएं

चतुर्थ नवरात्री : मां कुष्मांडा देवी की विशेष पूजा से पूरे होंगे मनोवांछित फल, ये विधि अपनाएं

लखनऊ। 9 दिनों का पवन व्रत नवरात्रि चल रहा है, नवरात्री में 9 देवियों की अलग अलग दिन मां दुर्गा के अलग अलग अवतारों की पूजा होती हैं। आज नवरात्री का चौथा दिन हैं, आज के दिन कुष्मांडा देवी की पूजा विधि विधान से होती है। नवरात्रि का चौथा दिन माता कुष्मांडा को समर्पित है।

मां कुष्मांडा सभी कष्टों से मुक्ति कराती हैं

हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक चौथे नवरात्री के दिन मां कुष्मांडा की पूजा करने से आयु, यश, बल और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। आज विधि विधान से पूजा करने से मनोकामना पूर्ण होती व मनोवांछित फल मिलता हैं। मां कुष्मांडा इस संसार में कई कष्टों और संकटों को दूर करती हैं। देवी कुष्मांडा को अष्टभुजा भी कहा जाता है, इन आठ भुजाओ में मां ने अपने हाथों में धनुष-बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल धारण किया हुआ है। वहीं एक और हाथ में सिद्धियों और निधियों से युक्त जप की माला है और इनकी सवारी सिंह यानि शेर है।

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पूजा करने की परंपरा

आज के दिन लाल रंग के फूलों से पूजा की जाती है,क्योंकि मां कुष्मांडा को लाल रंग के फूल अधिक प्रिय हैं। मां कुष्मांडा की पूजा विधि पूर्वक करने के बाद दुर्गा चालीसा और मां दुर्गा की आरती जरूर करनी चाहिए।

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मां कुष्मांडा का अर्थ

मां कुष्मांडा यानि कुम्हड़ा, मां दुर्गा ने संसार में असुरों के बढ़ते अत्याचार से मुक्त कराने के लिए कुष्मांडा का अवतार लिया था। पूजा के दौरान कुम्हड़े की बलि देने की भी परंपरा होती है, ऐसा करने से माता प्रसन्न होती हैं और पूजा सफल होती है।

पूजा करने की विधि

आज नवरात्रि के चौथे दिन सुबह स्नान करके मां कुष्मांडा स्वरूप पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। पूजा में मां को लाल रंग के फूल, गुड़हल या गुलाब का फूल भी प्रयोग में ला सकते हैं, इसके बाद सिंदूर, धूप, गंध, अक्षत् आदि अर्पित करें। सफेद कुम्हड़े की बलि माता को अर्पित करें, इसके बाद मां को दही और हलवा का भोग लगाकर सभी को बांटे।

मां कुष्मांड की पूजा करने का मंत्र

ॐ देवी कूष्माण्डायै नम:॥

बीज मंत्र

कूष्मांडा ऐं ह्री देव्यै नम:

स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

 

 

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