फ्रांस ने इस्लामिक चैरिटी संस्था पर लगाया ताला, इमरान ने इस्लामिक देशों से की एकजुट होने की अपील

पैरिस स्थित हिस्ट्री टीचर की हत्या के बाद फ्रांस और इस्लामिक देशों में चल रहा आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

नई दिल्लीः पैरिस स्थित हिस्ट्री टीचर की हत्या के बाद फ्रांस और इस्लामिक देशों में चल रहा आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को फ्रांस ने एक इस्लामिक संस्था पर ताला लगा दिया है, जिसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फ्रांस के खिलाफ इस्लामिक देशों से एकजुट होने की अपील की है।

दरअसल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल माक्रों के इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ बयान देने के बाद बाराकासिटी नाम की एक इस्लामिक चैरिटी संस्था को बंद कर दिया है। यह संस्था दुनिया के 26 देशों में लगभग 20 लाख लोगों के लिए कार्यरत थी।

बाराकासिटी संस्था के मालिक इदरिस शिमेदी ने यह जानकारी साझा करते हुए  तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन से मदद मांगी है। इदरिस ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, हम फ्रांस में सुरक्षित नहीं है इसलिए मैं और मेरी टीम आपके देश में राजनीतिक शरण लेना चाहते हैं।

वहीं फ्रांस ने बाराकासिटी पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि,  बाराकसिटी फ्रांस में इस्लामिक कट्टरपंथ फैला रही थी। वो आतंकियों की हरकतों की तारीफ करती है। इसलिए ऐसी किसी संस्था को फ्रांस में रहने का अधिकार नहीं है।

फ्रांस के इस एक्शन के खिलाफ पाकिस्तान के पीएम इमरान ने रिएक्शन लेते हुए कई इस्लामिक देशों को खत लिखकर एकजुट होने की अपील की है। अपने खत में इमरान ने लिखा कि, फ्रांस में मुस्लिमों के खिलाफ जो कुछ हो रहा है, वो दुनिया में इस्लामोफोबिया फैलाने की साजिश है। इसके खिलाफ सभी मुस्लिम देशों को एकजुट होने की जरूरत है।

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