अस्पतालों में कोविड-19 के नाम पर धोखाधड़ी, इलाज के लिए रूपयों की मांग

निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज के नाम पर रुपयों की मांग

श्रीगंगानगर: राजस्थान में श्रीगंगानगर में आज पार्षदों, पार्षद पतियों एवं सफाई कर्मचारी नेताओं ने जिला कलेक्टर के निवास पर प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया है कि शहर में कतिपय जिन निजी अस्पतालों को कोविड-19 इलाज की अनुमति दी गई है, वहां मरीजों के साथ लूट-खसोट की जा रही है।

जन सेवा ट्रस्ट हॉस्पिटल

उपसभापति लोकेश मनचंदा, पूर्व उपसभापति अजय दावड़ा की अगुवाई में लगभग डेढ़ दर्जन पार्षदों ने आज प्रदर्शन करते जिला कलेक्टर महावीर प्रसाद वर्मा की अनुपस्थिति में उनके सरकारी निवास पर ज्ञापन चस्पां किया। इसमें टांटिया यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित जन सेवा ट्रस्ट हॉस्पिटल में छह दिन के इलाज के एक लाख 20 हजार रुपए तक वसूल करने का आरोप लगाया गया है।

इलाज की असुविधाएं

प्रदर्शनकारी पार्षदों के अनुसार सरकारी जिला अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों को जानबूझकर इलाज की सुविधाएं नहीं दी जा रही। अस्पताल का स्टाफ मरीजों को निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर कर देता है। निजी अस्पताल के संचालक मनमर्जी से इलाज के बिल वसूल कर रहे हैं।

सरकारी अस्पताल में उचित सुविधाएं

पूर्व पार्षद पवन गौड ने बताया कि तीन-चार दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं कि श्रीगंगानगर शहर के स्थानीय मरीजों को निजी अस्पताल वाले इलाज के लिए भर्ती नहीं करते। उनको दूसरे शहरों में इलाज करवाने की सलाह देकर टरका दिया जाता है। सरकारी अस्पताल में उचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यहां के मरीज दूसरे शहरों में जाते हैं, तो वहां उनकी लिहाज करने वाला कोई नहीं होता। जान पहचान के लोग भी नहीं होते। दूसरे शहरों के अस्पताल मनमर्जी के शुल्क वसूल करते हैं।

इलाज की मंजूरी

दूसरी तरफ श्रीगंगानगर शहर के जिन अस्पतालों को कोविड-19 इलाज की मंजूरी दी गई है, उनमें निकटवर्ती पंजाब अथवा हरियाणा से आने वाले मरीजों को ही भर्ती किया जाता है। बाहर से आने वाले मरीज इन अस्पतालों का मनमर्जी वाला शुल्क देने को मजबूर हो जाते हैं। निजी अस्पताल वाले बाहर से आने वाले मरीजों को ही प्राथमिकता देते हैं ताकि यहां उनकी कोई सिफारिश करने वाला नहीं हो। यह सब सांठगांठ के चलते हो रहा है।

प्रति बैड प्रतिदिन चार हजार

पार्षदों ने बताया कि सरकार ने निजी अस्पतालों प्रति बैड प्रतिदिन चार हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया हुआ है। अन्य प्रकार की जांचों के शुल्क भी निर्धारित हैं। मगर निजी अस्पताल पांच गुना अधिक तक शुल्क वसूल कर रहे हैं। प्रदर्शन में पार्षद कमल कुमार, रेखा कालडा, प्रेम घोडेला, प्रह्लाद सोनी, सुशील कुमार, अमित यादव, पुष्पा कुलचानिया, अमित चलाना, संतोष डागला, प्रेमकुमार, किशन लाल के अलावा सफाई कर्मचारी यूनियन के संयोजक अनिल धारीवाल,अध्यक्ष उमेश बाल्मीकि तथा संजय सरवटा आदि शामिल हुए।

यह भी पढ़े:पाक की नापाक कोशिश विफल, बारामूला में मोर्टार विस्फोट निष्क्रिय, इलाके में दहशत का माहौल

यह भी पढ़े:देवरिया में पशु तस्कर गिरफ्तार, ट्रक में लदे 53 गोवंशी बरामद

Related Articles

Back to top button