बजट सत्र आज से, सीएम योगी ने सभी नेताओं से की सहयोग की अपील

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विधानमंडल के बजट सत्र से एक दिन पहले यानी बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक में सभी नेताओं से सदन के संचालन में सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार प्रदेश की सुरक्षा से लेकर युवा, महिलाओं व व्यापारियों से जुड़े हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा एवं समाधान के लिए तैयार है। विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि विधानसभा की पूर्व निर्धारित समयावधि से पहले समाप्त नहीं होनी चाहिए। सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट सत्र की शुरूआत दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण से होगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष एवं सत्ता पक्ष को खुलकर बोलने का अवसर प्राप्त होगा। सदन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का मंच उपलब्ध कराता है। सदन की उच्च गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए गंभीर चर्चा से सदस्यों की गरिमा बढ़ेगी और लोकतंत्र के प्रति आम लोगों की आस्था बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि इस सत्र में देश के सबसे बड़े राज्य का बजट पेश होगा। सामान्य बजट में सभी दलीय नेताओं के साथ-साथ सदस्यों को भी अपनी बात रखने और सुझाव देने का अच्छा अवसर मिलेगा। यदि हम इस समय का उपयोग कर सके तो चार-पांच दिन तक बजट पर ही चर्चा में प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर प्राप्त हो सकेगा।

कार्यवाही शब्दों की धरोहर

सीएम योगी ने कहा, सदन में हम जो बोलते है, समाप्त नहीं होता है। उस शब्द को अमरता प्रदान करने का माध्यम विधान सभा है। सदन की कार्यवाही के रूप में शब्दों की धरोहर बनती है। जब तक भारत के लोकतंत्र का इतिहास अक्षुण रहेगा, सदस्यों द्वारा सदन में बोली गई बातें सुरक्षित रहेंगी। इसलिए सदस्यों के सुझाव प्रभावी, महत्वपूर्ण और प्रदेश के लिए कल्याणकारी होने चाहिएं। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन के निविघ्न संचालन में सहयोग करने की अपील की।

‘राज्यपाल का अभिभाषण शांति से सुनने की परिपाटी डालें’

विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने कहा कि लोकतंत्र दृष्टि से उत्तर प्रदेश का देश में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। सदन की कार्यवाही सुचारू चलती है तो आम जनता को बड़ा लाभ होता है। वैसे, विधान सभा की दृष्टि से विपक्ष और सत्ता पक्ष अलग-अलग नहीं होते हैं। वे एक ही अंग हैं। सदन की कार्यवाही चलने से सरकार को फायदा होता है, जानकारियां बढ़ती है। विपक्ष को जानकारियां साक्षा करने से फायदा होता है।

विपक्ष अपना पक्ष, कार्यक्रम व सुझाव रख सकता है। उन्होंने सभी दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि वे सदन में अपना पक्ष शालीनता व मर्यादा के साथ रखे। प्रेमपूर्ण वातावरण में सदन में बहस हो। प्रश्नोत्तर के समय अधिक से अधिक प्रश्न विचार के लिए आ सके। दीक्षित ने राज्यपाल के अभिभाषण को सदन में शांतिपूर्ण सुनने की परिपाटी विकसित करते हुए सदन को गरिमामय बनाने की भी अपील की।

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