लालू पर बने ये जोक्स पढ़कर हंसते-हंसते हो जायेंगे लोटपॉट

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1-  राबड़ी- ऐजी बिहाने-बिहाने नीला कपड़वा पहन के काहे उड़ते हैं और ऊपर से लाल चड्डी पहन लिए हैं। केतना चमकता है। आप जब से सुपर मैन बने हैं, डेली दरबाजे से काहे नहीं निकलते हैं। छत फोड़-फोड़ के निकलते हैं। ऊपर उड़त रहते हैं और नीचे से गाय-भैंस देखती हैं कि साहेब कब उतरेंगे और चारा देंगे।

लालू- ये पगली धत्, क्या फालतू बात करती है। हम सुपरमैन बना हूं, हमको ताकत मिला है। सबका मदद कर रहा हूं। समाजसेवा हो रहा है। ये नहीं न समझती हो। तुम तो हमका घर का मुर्गी समझे हो बाहर कितना वाहवाही होता है।

कल का बात है एक ट्रेन हजारीबाग के जंगल में फंसा रहा, लेट, आठ घंटा लेट, सब पैसेंजर परेशान। हम ऊपर से देखें और नीचे उतरे ट्रेन को एक हाथ से दबोचकर उठाया और पटना में रख दिया, दो घंटा बिफोर।

राबड़ी- रख तो दिए, बाद में पब्लिक कितना गड़िया-या है ई नहीं न सुने हैं। ट्रेन जावत रहा कोलकाता, धर दिए पटना में।

 

2- राबड़ी- सुनिए। काहे अकेले उड़ते हैं। शादी किए हैं कि कउनो चोरी किए हैं। काहे नहीं हमरो ले के उड़ते हैं। जोड़े से उड़िए, ऊपर से बिहार दिखाइए।

लालू- ठीक है। जाओ और धोती उतार दो, जिंस पहन लो। ऊपर हवा में धोती नहीं चलता है।

राबड़ी- सुनिए। छत पर आपके 9 बच्चों के कपड़े सुख रहे हैं। रस्सी के एक कोना आप पकड़िए और एक कोना हम पकड़ते हैं। उड़ते समय कपड़ा भी सूख जाएगा।

लालू- धत् बुरबक, ये तू हमको चुल्हा चक्की में फंसा के रक्खा है। इंटरनेशनल आदमी लालू प्रसाद को।

 

3- लालू- रे कालिया, देखो मुच्छड़ के। गब्बर इधर खरा है, पगलवा उधर देख रहा है। तोरे से पूछ रहे हैं। कोई बताओ हम ग्रुप के सरदार हैं। इसको मालूम नहीं है, बुरबक को। ये कालिया, ये कितने आदमी थे।

कालिया- सरदार दो आदमी थे। एक बसंती का आदमी था और दूसरा ऐश्वर्या का ससुर था।

लालू- ये सांभा कितना जुर्माना ठोके है सरकार हम पर चारा घोटाले के लिए?

सांभा-पूरे दो हजार करोड़, मगर अभी तक आप भरे नहीं हैं।

लालू- हम भरे या नहीं भरे, तोरे से पूछा है। नेतागिरी करते हो। ये दो हजार करोड़ रुपए का जुर्माना हम पर काहे के लिए है। यहां से 500-500 कोस दूर गांव में जब गाय का बच्चा, भैंस का बच्चा चारा नहीं खाता है, उसकी मां कहती है खा ले, नहीं तो लालू जी खा लेंगे।

 

 

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