IPL
IPL

महिलाओं के लिए खास है Gangaur व्रत, जानें क्यो पति से छिपकर सुहागिन रखती हैं ये व्रत

जिस तरह उत्तर भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना और मनचाहे वर की इच्छा के साथ सावन के महीने में तीज का व्रत रखती हैं। ठीक उसी तरह से राजस्थान में भी महिलाएं पति की सलामती के लिए Gangaur का व्रत रखती हैं।

लखनऊ: पति की लंबी उम्र की कामना हो या मनचाहा वर पाने की कामना हो। महिलाएं मां गौरी का Gangaur व्रत करती है। यह व्रत मुख्यत: राजस्थान का व्रत है। जिस तरह उत्तर भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना और मनचाहे वर की इच्छा के साथ सावन के महीने में तीज का व्रत रखती हैं। ठीक उसी तरह से राजस्थान में भी महिलाएं पति की सलामती के लिए Gangaur का व्रत रखती हैं। तीज की ही तरह गणगौर में भी भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर का त्योहार मनाया जाता है। इस साल गणगौर की पूजा 15 अप्रैल गुरुवार को है।

क्यों छिपकर करतें है Gangaur का व्रत

आपको बता दें, इस व्रत को पत्नियां पती से छिपकर करती है। इस व्रत की बड़ी खासियत ये है की सुहागिन महिलाएं इस व्रत के बारे में कुछ भी नहीं बताना होता हैं। यहां तक की पूजा का प्रसाद भी महिलाएं अपने पति को नहीं देती है। गणगौर का व्रत खासतौर पर राजस्थान और मध्य प्रदेश की महिलाएं रखती हैं और इस दिन गणगौर माता यानी माता पार्वती की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है।

कथा के अनुसार माता पार्वती होली के दूसरे दिन अपने मायके चली जाती हैं और 8 दिनों के बाद भगवान शिव उन्हें वापस लेने के लिए आते है। इसलिए यह त्योहार होली के दिन से यानी चैत्र महीने की प्रतिपदा से आरंभ हो जाता है। इस दिन से सुहागिन महिलाएं और कुंवारी लड़कियां मिट्टी के शिव जी यानि गण और माता पार्वती यानि गौर बनाकर रोजाना उनकी पूजा करती हैं।

यह भी पढ़ें

इसके बाद चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज की पूजा की जाती है। सुहागिन महिलाएं अपने पति के लंबे आयु के लिए और कुवारी लड़कीयां अपने मनचाहे पति के लिए इस व्रत को करते हैं।

Related Articles

Back to top button