बहुत तेजी से पांव पसार रहा आॅरोफेरेंजियल कैंसर, जाने क्या है ये औरे कैसे करें इससे बचाव

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नई दिल्ली। जैसा की हम सभी जानते है की कैंसर एक जानलेवा बीमारी है, इसका पता लगाना बेहद मुश्किल है। अक्सर इसका पता हमें आखरी स्टेज में चलता है, भारत में ऑरोफेरिंजियल कैंसर सिर और गर्दन के सभी कैंसर मामलों में प्रतिष्टित है। हल में जारी आकड़ों से इस बात का खुलासा हुआ हैं, हार्ट केयर फाउंडेशन के अध्यच डॉ.के.के अग्रवाल ने कहा, “दुनिया भर में सर और कैंसर के 5,50,000 से अधिक मामले हर साल सामने आते है। सिगरेट अधिक पिने वालों में इस तरह के कैंसर के मामले पांच से 25 गुना अधिक होते हैं। इनमे पाइप और सिगार पिने वाले भी शामिल हैं।”

ऑरोफेरिंजियल कैंसर के कई लक्षण होते है जैसे की

ठीक न होने वाला मुंह का छाला।

– मुंह में दर्द।

– गाल में गांठ।

– मसूड़ों, जीभ, टॉन्सिल, या मुंह के अस्तर पर सफेद या लाल पैच पड़ना।

– गले में दर्द।

– चबाने या निगलने में तकलीफ होना।

– जीभ या मुंह के अन्य क्षेत्रों का सुन्न पड़ना।

– दांत या जबड़े के आसपास दर्द होना।

– आवाज में परिवर्तन होना।

– गर्दन में गांठ और सांस में निरंतर बदबू आना प्रमुख है।

हेल्थ एक्सपर्ट ने यह भी बताया कि इस कैंसर से बचने के लिए एचपीवी वैक्सीन जो की एक सुरक्षित और प्रभावी टीका है, जो आपको एचपीवी से संबंधित बीमारियों से बचा सकती है, 26 साल की उम्र तक टीका लगवा सकते हैं। यह टीका एचपीवी से जुड़े ऑरोफेरिंजियल कैंसर को रोकने में मदद करता है।

उन्होंने कहा, ओरल एचपीवी तब होता है जब मुंह में कट या घाव हो और मुख मैथुन किया जाए, ऑरोफेरिंजियल कैंसर ऑरोफेरिंक्स में शुरू होता है। यह मुंह के पीछे गले का एक हिस्सा होता है, यहां मौजूद अधिकांश कैंसर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा कहलाते हैं, लेकिन अन्य प्रकार के कैंसर और अन्य ट्यूमर भी हो सकते हैं।

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