गिल ने रहाणे की तारीफ, कठिन समय में कैसे करें बल्लेबाजी हमने उनसे सीखा 

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म किया।

मेलबोर्न: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म किया। इसके बाद उन्होंने रविवार को कप्तान अजिंक्या रहाणे की नाबाद शतकीय पारी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देख कर सीखा कि कठिन समय कैसे बल्लेबाजी की जाए और किस तरह से रन बनाये जाएं।

शुभमन गिल ने पहले दिन के खेल के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “कप्तान अजिंक्या रहाणे की यह पारी पूरी तरह से धैर्य के बारे में थी। वह धैर्य के साथ खेल रहे थे और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप इस तरह की उच्च गुणवत्ता वाली गेंदबाजी का सामना कर रहे होते है तो कभी-कभी आप रन नहीं बना पाते हैं। उन्होंने शानदार और दर्शनीय पारी खेली।”

युवा बल्लेबाज ने कहा, “कप्तान रहाणे ने दर्शाया कि कठिन समय के दौरान किसी तरह से बल्लेबाजी की जाए और जब रन बनाने वाली कोई गेंद मिले तो उस मौके को कैसे लपका जाए।” गिल ने ऑस्ट्रेलिया के दूसरे बॉक्सिंग डे टेस्ट में टेस्ट पदार्पण करते हुए अपनी पहली पारी में 45 रन बनाये और वो अपना पहला अर्धशतक बनाने से चूक गए। गिल ने हालांकि टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई और आक्रामक बल्लेबाजी की।

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गिल ने अपनी बल्लेबाजी लेकर बताई ये बाते

गिल ने अपनी बल्लेबाजी लेकर कहा, “मैं जब बल्लेबाजी करने गया तो तब पिच में गेंदबाजों की लिए पूरी मदद थी। मैं अपने आप से सिर्फ यही बोला कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि पिच पर या आस पास क्या हो रहा है, मैं अपना खेल खेलूंगा और पूरी क्षमता के साथ खेलूंगा। बल्लेबाजी के दौरान मैं बस यही सोच रहा था।”

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उमेश और इशांत को नेट्स में खेलने का मिला मौका

उन्होंने कहा, “मैं पिछली चार-पांच टेस्ट सीरीज से टीम के साथ जुड़ा हुआ हूं और टीम के साथ रहने का मुझे बहुत फायदा मिला है। मैं सभी नेट और अभ्यास सत्रों में भाग लेता रहा जहां मुझे जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, उमेश यादव और इशांत शर्मा को नेट्स में खेलने का मौका मिला। नेट्स में शीर्ष गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ खेलना एक युवा खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ा आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है। आज जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मुझे वास्तव में ऐसा नहीं लगा कि मैं बिल्कुल नई जगह पर पहुंच गया हूं।”

 

 

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