बिहार दंगों के आरोपियों से मिले गिरिराज, मुसीबत में पड़ गई बीजेपी

नई दिल्ली। मॉब लिन्चिंग मामले में आरोपियों से मिलने जेल पहुंचे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की बिहार दंगों के आरोपियों से मुलाक़ात का मामला सामने आया। इस बात को लेकर विपक्ष ने भाजपा पर हमला बोल दिया। वहीं इस मामले में भाजपा के सहयोगी दल जेडीयू ने भी इस बात पर अपनी नाराजगी प्रकट की।

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गिरिराज सिंह

खबरों के मुताबिक़ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए ही गिरिराज सिंह के इस कदम की निंदा की। उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी तरह से साम्प्रदायिक सौहार्द्र को बिगड़ने नहीं देंगे।

इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया कि भले उनकी सरकार रहे या न रहे लेकिन वे किसी भी तरह इस बात का समर्थन नहीं बर्दास्त करेंगे।

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बता दें नवादा जेल में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को बिहार दंगे के आरोपियों (बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं) से मुलाकात की। यह मुलाकात तकरीबन 30 मिनट तक चली, जहां गिरिराज सिंह ने उनका हालचाल जाना। केंद्रीय मंत्री ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें फंसाया गया है।

गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सांप्रदायिक सौहार्द के लिए हिंदुओं को दबाने की मानसिकता रखती है। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से जीतूजी और कैलाशजी को फंसाया गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जब वर्ष 2017 में रामनवमी के दौरान तनाव व्याप्त हुआ था तो उन्होंने क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल रखने के लिए प्रयास किया था। अकबरपुर में जब मां दुर्गा की प्रतिमा तोड़ दी गई थी, तब उन्होंने ऐसा ही किया।’

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘यह बहुत चौंकानेवाला है कि सरकार को लगता है कि सांप्रदायिक सद्भाव तभी होगा जब वह हिंदुओं को दबाएंगे। मैं राज्य सरकार और समाज से निवेदन करता हूं कि वह इस तरह का रवैया न अपनाएं।’

गौरतलब है कि 3 जुलाई को बजरंग दल के संयोजक जितेंद्र प्रताप को वर्ष 2017 में हुए दंगों के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रताप की गिरफ्तारी के बाद 4 जुलाई को उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया और सड़कों पर उतर आए।

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