छेड़खानी से तंग आकर छात्रा ने उठाया ऐसा कदम, घर वालों के आंखों में भर आए आंसू

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वाराणसी: योगी आदित्यनाथ जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे तब उन्होंने युवतियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहुत बड़े बड़े दावे किये थे। छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड जैसे दल का गठन किया था लेकिन अब न तो ऐसा कोई दल नजर आता है और न ही छेड़खानी जैसी घटनाओं पर विराम लग सका है। ताजा मामला पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से आया है जहां छेड़खानी से तंग आकर एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली।

मिली जानकारी के अनुसार, घटना वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के पनियरा गांव की है। पीड़िता एक निजी स्कूल में 7वीं कक्षा में पढ़ती थी। स्कूल में ही पढ़ने वाले कुछ छात्र उसके साथ छेड़खानी करते थे। पीड़िता शुक्रवार को स्कूल से लौटी और थोड़ी ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतका के परिजनों ने उसी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र पर अपनी बेटी को आए दिन परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार शाम स्कूल से लौटने के बाद पीड़िता ने घर में जहर खा लिया।

मृतका के पिता ने बताया कि शुक्रवार शाम जब उनकी बेटी स्कूल से घर लौटी तो उसे उल्टी होने लगी, जिसके बाद उसे राजातालाब स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां श्रेया ही हालत बिगड़ने पर भदवर में एक निजी अस्पताल ले जाया गया और देर रात उसकी मौत हो गई।

छात्रा के पिता का आरोप है कि 11वीं का एक छात्र आए दिन उनकी बेटी को परेशान करता था। उनका कहना है कि आरोपी छात्र की शिकायत विद्यालय प्रबंधन से की गई थी, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।

स्कूल के प्रबंधक रामबलि सिंह पटेल का वहीं कहना है कि छात्रा की ओर से उन्हें इस तरह की कभी कोई शिकायत नहीं मिली। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रा के परिजन स्कूल प्रशासन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

सीओ सदर अंकिता सिंह ने शनिवार को बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। आरोपी छात्र की गिरफ्तारी के लिए एक टीम भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि अभी तक मृतक छात्रा के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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