लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल हो: CM Shivraj

भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने राजधानी भोपाल के मिंटो हाल में महिला सुरक्षा को लेकर जन जागरुकता अभियान के तहत आयोजित वर्चुअल सम्मान समारोह में महिलाओं और बालिकाओं को सम्मानित किया। सीएम (CM) ने कार्यक्रम की शुरुआत बालिका पूजन के साथ की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार (State government) बालिकाओं के सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में महिला अपराध में 15 फीसदी कमी आई है। सीएम बोले जब लड़कों की शादी की उम्र 21 साल है तो हमें बेटियों की शादी की उम्र भी 21 साल करनी चाहिए।

बेटियों की शादी भी 21 साल में होनी चाहिए

सीएम (CM) ने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बेटियों के जन्म होने पर मातम मनाते हैं, लेकिन इस फर्क को दूर करने के लिए ही हमने लाडली लक्ष्मी योजना चलाई, ताकि कोई भी बेटियों को बोझ न समझे। आज बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि बेटियां बोझ नहीं होती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला अपराधों के लिए बेहद सतर्कता से काम कर रही है। इसी संवेदनशीलता का परिणाम है कि पिछले 9 महीनों में अप्रैल से दिसंबर 2020 के बीच महिला संबंधी अपराधों में 15 प्रतिशत की कमी आई है। सीएम ने बताया कि प्रदेश से करीब 7 हजार बेटियां गायब हुई थीं, जिनमें 4000 को सुरक्षित वापस लाया गया है। बची हुई 3000 बेटियों को ढूंढने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। जल्द ही उन्हें भी वापस लाया जाएगा।

अश्लील फिल्मों पर लगे प्रतिबंध: CM

मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि अश्लील फिल्मों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। इससे बच्चों की मानसिकता दूषित होती है। उन्होंने कहा, ”सोचिए अगर बच्चों के सामने इस तरह की चीजें परोसी जाएंगी तो इसका असर हमारे समाज पर तो होगा ही। हमारा समाज भी तो अजीब है, हर कोई बेटियों को समझाने में लगा रहता है। कोई बेटों को समझाने का प्रयास नहीं करता है। अगर कोई घटना घटती है तो बेटी को दोष दिया जाता है। कुछ हो जाए तो किसी से कहना मत, इस तरह की बात हमारी बेटियों को समझाई जाती है। लेकिन अब वक्त आ गया है कि समाज को बदलना होगा। अगर किसी ने बेटियों के साथ गलत किया तो मामा उसको छोड़ेगा नहीं।”

हम बेटियों के हित के लिए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लेकर आये: शिवराज

मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि हम बेटियों के हित के लिए मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2020 लेकर आए हैं, ताकि कोई भी बेटियों को बहलाकर फुसलाकर उनकी जिंदगी तबाह न कर पाए। सीएम (CM) ने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। सीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि मां बहन के सम्मान से खेलने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों को मध्य प्रदेश की धरती पर नहीं रहने देंगे, इन्हें कुचल दिया जाएगा।

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