भारत बंद के अघोषित आह्वान को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने हाईअलर्ट घोषित किया

भारत बंद के वायरल हो रहे मैसेज के मद्देनजर मेरठ जिले में इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे से बंद करने के आदेश दिए, हलांकि कुछ कंपनियों ने रात 11.30 से ही इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। गर्मी के चलते बंद चल रहे आठवीं तक के स्कूलों की छुट्टी भी एक दिन और बढ़ा दी गई है। कानून व्यवस्था को लेकर एसएसपी की रिपोर्ट के बाद डीएम ने इंटरनेट सेवाएं शुक्रवार शाम पांच बजे तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया।

झारखंड में हुई भीड़ हिंसा के बाद मेरठ समेत वेस्ट यूपी में कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन हुए। मेरठ में रविवार को शांति जुलूस निकाला गया, जिसके दौरान पुलिस पर हमला किया गया। बवाल हुआ इस मामले में पुलिस अब तक 49 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मैसेज वायरल करते हुए पांच जुलाई को भारत बंद का आह्वान किया। इसे लेकर आईबी, इंटेलीजेंस एजेंसियों और एलआईयू समेत बाकी एजेंसियों के पास भी इनपुट है। ऐसे में शासन भी इस मामले में सख्त है।

मेरठ के एडीजी प्रशांत कुमार, आईजी आलोक सिंह, डीएम मेरठ अनिल ढींगरा, एसएसपी अजय साहनी, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह समेत कई प्रशासनिक अधिकारी गुरुवार शाम पांच बजे घंटाघर पहुंचे। देहात से सभी सीओ और ज्यादातर थानेदारों को भी बुलाया गया। इसके बाद पुलिस टीम, आरएएफ और पीएसी बल ने घंटाघर से वैली बाजार सर्राफा, गुदड़ी, कोतवाली से लिसाड़ी गेट गोलाकुआं और हापुड़ अड्डा तक फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान कुछ सीओ और थानेदार दौड़ लगाते दिखे। शहर के लोगों से संयम बनाए रखने और शांति व्यवस्था की अपील की गई। कुछ जगहों पर बाजार में लोगों से पुलिस अधिकारियों ने बातचीत भी की।

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