वैश्विक संकेत तय करेंगे शेयर मार्केट की चाल, जानें मुख्य बातें…

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मुंबई: रविवार के साथ ही भारतीय शेयर बाजार का यह हफ्ता समाप्त हो गया है। अब अगले हफ्ते शेयर मार्केट किस गति से चलेगा और बाजार में उठाल आएगी यह मंदी इस बात का निर्णय भारत और चीन के बीच चल रही व्यापार वार्ता के नतीजे और इन मुख्य बातों पर निर्भर करेगा। जिनमें घरेलू और वैश्विक बाजारों के व्यापक आर्थिक आंकड़े, प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे, मॉनसून की चाल, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थापक निवेशकों (डीआईआई) द्वारा किए गए निवेश, डॉलर के खिलाफ रुपये की चाल और कच्चे तेल की शामिल हैं। देश के शेयर बाजार बुधवार (22 अगस्त) को बकरीद के अवसर पर बंद रहेंगे।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपनी 16 अगस्त को जारी रिपोर्ट में कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान 1 जून से 15 अगस्त तक कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (एलपीए) से 9 फीसदी कम रही है। जून से सिंतबर तक दक्षिण पश्चिम मॉनसून का मौसम देश के कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है कि क्योंकि अभी भी देश की खेती का बड़ा हिस्सा सिंचाई के लिए वर्षा के पानी पर ही निर्भर है।

वैश्विक मोर्चे पर, निवेशकों की अमेरिका और चीन के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर नजर है। खबरों के मुताबिक, चीन का एक प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन में अमेरिकी प्रतिनिधियों से 21 और 22 अगस्त को बैठक करेगा। हाल के महीनों में अमेरिका और चीन एक दूसरे पर निर्यात शुल्क बढ़ाते जा रहे हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे को लेकर असहमति है। इसके कारण निवेशक संभावित व्यापार युद्ध की आशंका चिंतिंत है, क्योंकि अगर ऐसा होता है तो वैश्विक आर्थिक मंदी छा सकती है।

अमेरिका की केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अपनी मुक्त बाजार समिति की बैठक के मिनट्स 22 अगस्त को जारी करेगी, यह बैठक 31 जुलाई और 1 अगस्त को हुई थी। इस बैठक के मिनट्स से व्यापार से जुड़े संभावित जोखिम को लेकर समिति के आर्थिक मूल्यांकन की जानकारी मिलेगी। फेडरल रिजर्व ने अपनी अगस्त की बैठक में संघीय निधि दर के लिए लक्ष्य सीमा 1.75 फीसदी से 2 फीसदी तय की थी।

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