ईश्वर ने बचाई 17 तीर्थयात्रियों की जान! खाई में गिरने से बाल-बाल बची बस

0

देवप्रयाग। बीते दिन रविवार को यहां एक बड़ा हादसा होने से बच गया। ऋषिकेश से जोशीमठ जा रही एक बस खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। इसे कुदरत का करिश्मा कहिए या फिर ईश्वर की कृपा कि सडक किनारे जमा हुआ वेदर रोड कटिंग का मलबा ने बस को खाई में गिरने से रोक दिया। हादसे में बस पर सवार 17 तीर्थ यात्रियों की जान बच गई। पर अफ़सोस इस बात का है कि हादसे में दो लोगों की मौत हो गई।

पीएम मोदी देहरादून में मनाएंगे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, स्वागत सत्कार की…

कुदरत का करिश्मा

खबरों के मुताबिक़ यहां बदरीनाथ हाईवे पर आल वेदर रोड कटिंग का मलबा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का काम कर रहा है। पिछले 20 दिनों में भरपूर गदेरे में रोड कटिंग के मलबे से दो बड़ी दुर्घटनाएं होने से बचीं। रविवार को यहां पलटी तीर्थयात्रियों की बस यदि थोड़ा आगे पलटती, तो खाई में लुढ़क जाती।

बीती 21 मई को भी देवप्रयाग से नौ सवारियों को दिल्ली ले जा रहा एक छोटा वाहन मलबे में फंसने से खाई में गिरने से बच गया था। रविवार को हुई दुर्घटना में भी यही मलबा 17 लोगों की जान बचा गया।

उत्तराखंड की बेटी ने चीन के मुंह से छीन लिया ये…

एसडीएम नूपुर वर्मा और थाना प्रभारी देवप्रयाग विनोद राणा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार साहिबाबाद निवासी जैन परिवार के सदस्य बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे थे।

शनिवार को ऋषिकेश में रात्रि विश्राम के बाद वह रविवार तड़के जोशीमठ के लिए निकले थे। बस चालक ने दुर्घटना का कारण ब्रेक फेल होना बताया है।

सात घायलों श्रेया जैन, वीरेंद्र जैन, प्रेमलता जैन, रश्मि जैन, हरेंद्र सिंह, रश्मि जैन-2, राजेश जैन को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के लिए रेफर किया गया।

वहीं राजेश जैन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। जबकि हरेंद्र सिंह के अलावा अन्य सभी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

loading...
शेयर करें