सीमा सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक पहल करने जा रहें भारत-बांग्लादेश

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नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) और बार्डर गार्ड बांग्लादेश(बीजीबी) के बीच शुक्रवार से शुरू हो रही द्विवार्षिक बैठक में सीमा अपराध, विवादित क्षेत्रों और बेहतर सीमा समन्वयन के मुद्दे पर चर्चा होगी। बीएसएफ के शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

बीजीबी के सराइल और चटगांव क्षेत्रों के सेक्टर कमांडरों और बीएसएफ के पूर्वोत्तर भारत के तीन मोर्चो -त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम-काचर के महा निरीक्षक अगरतला से 12 किलोमीटर उत्तर शालबगान में त्रिपुरा फ्रांटियर के मुख्यालय में चार दिवसीय बैठक में भाग लेंगे।

बीएसएफ के त्रिपुरा फ्रंटियर के महानिरीक्षक हेमंत कुमार लोहिया ने कहा कि दोनों पक्ष अपराधों, तस्करी, अवैध गतिविधि की जांच के लिए रणनीति सुढृढ़ करेंगे और सीमा क्षेत्र को लेकर विवाद सुलझाने की दिशा में काम करेंगे।
लोहिया ने कहा कि “भारत और बांग्लादेश के बीच बचे हुए क्षेत्रों में सीमा बाड़ लगाने के काम, जल बंटवारे के मुद्दे पर भी बातचीत होगी।”

उन्होंने कहा कि पहले चरण की मुलाकात के बाद बीएसएफ और बीजीबी के अधिकारी कोलकाता जाएंगे और बीएसएफ के विशेष महानिदेशक(पूर्वी कमांड) नासिर कमाल से मुलाकात करेंगे। लोहिया ने कहा, “बीएसएफ और बीजीबी के बीच आपसी समझ से सीमा अपराध में कमी लाई जा सकती है।”

उन्होंने कहा कि बीजीबी ने पहाड़ी सीमा के साथ निकट सतर्कता बनाए रखने के लिए चटगांव हिल ट्रैक्ट्स(सीएचटी) के पास पांच अग्रिम सीमा चौकियों का निर्माण किया है। उन्होंने कहा, “बीजीबी और बांग्लादेश के अन्य सुरक्षा बलों की मदद से पूर्वोत्तर क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों और सीमापार गतिविधियों में कमी लाई जा सकती है।”

भारत के चार पूर्वोत्तर राज्य -त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और असम- बांग्लादेश के साथ 1,880 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।

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