फरवरी में होगा सुनहरी महोत्सव (Golden Festival), जानें ‘गोल्डन शकरकंद’ की खासियत

गोरखपुर में फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगा सुनहरी महोत्सव, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद करेंगे, इस महोत्सव में शकरकंद के उत्पादन, मार्केटिंग और उपभोग बढ़ाने की चर्चा होगी

गोरखपुर: अगर आप सेहत के लिए फिक्रमंद हैं और जायके के शौकीन तो गोरखपुर में लगने वाला सुनहरी महोत्सव (Golden Festival) खास आप के लिए ही है। ‘एक जिला एक उत्पाद’ की तर्ज पर ‘एक जिला एक विशिष्ट खाद्य पदार्थ’ की योजना की तरफ बढ़ रही योगी सरकार के इस अभिनव पहल के आप भी मुरीद हो जाएंगे।

विटामिन A और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर और स्वाद में बेजोड़ ‘सुनहरी शकरकंद’ (Golden Sweet Potato) को लेकर गोरखपुर में फरवरी के दूसरे सप्ताह में ‘सुनहरी महोत्सव’ (Golden Festival) होने जा रहा है।

सुनहरी शकरकंद का उत्पादन

इस महोत्सव के दौरान सुनहरी शकरकंद के उत्पादन, विपणन (Marketing) और उपभोग बढ़ाने की चर्चा तो होगी ही, सुनहरी के 20 से अधिक लजीज व्यंजनों (Delicious Dishes) का भी स्वाद लिया जा सकेगा। आयोजन स्थल होगा रैडिसन होटल होगा। इस महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद करेंगे।

जड़ों में कार्बोहाइड्रेट

शकरकंद का वैज्ञानिक नाम (Ipomoea Batatas) है। यह एक सपुष्पक पौधा (Sapling plant) है। इसके रूपान्तरित जड़ की तने के पर्वसन्धियों से होती है जो जमीन के अन्दर प्रवेश कर फूल जाती है और उन फूले हुए जड़ों में काफी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) इकट्ठा हो जाता है| जड़ का रंग लाल अथवा भूरा होता है एवं यह अपने अन्दर भोजन संग्रह करती है।

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ऊर्जा उत्पादक आहार (Productive diet) है। इसमें अनेक विटामिन रहते हैं विटामिन “ए’ और “सी’ की मात्रा सर्वाधिक है। इसमें आलू की अपेक्षा अधिक स्टार्च रहता है। यह उबालकर या आग में भूंजकर खाया जाता है। इस फल को कच्चा भी खाया जा सकता है। सूखे में यह खाद्यान्न का स्थान ले सकता है। इससे स्टार्च और ऐल्कोहॉल भी तैयार होता है। बिहार और उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से इसकी खेती होती है। फलाहारियों का यह बहुमूल्य आहार है।

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