नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ग्राहकों के लिए खुशखबरी, अब नही देना होंगा इन चीजों का ज्यादा दम

किसी भी साल में 1 अप्रैल आते ही बहुत कुछ बदल जाता है। क्योंकि1 अप्रैल से  नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होती है। भारत में भी आज नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है और सरकार द्वारा लिए फैसले इसी वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही प्रभावी होते हैं। ऐसे में मोदी सरकार की ओर से कई ऐसे फैसले लिए गए थे, जो कि आज से लागू हो जाएंगे और इन फैसलों में कुछ के जरिए आपकी जेब पर ज्यादा असर पड़ेगा, तो कुछ के जरिए आपको राहत भी मिलेगी। क्योंकि कुछ वस्तुएं महंगी और कुछ सस्ती हो जाएंगी।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ आपको किन वस्तुओं और सेवाओं पर पहले की अपेक्षा कम खर्च करना होगा। यानी आपकी जेब को अब पहले से ज्यादा सहूलियत मिलने वाली है। अपना घर खरीदने का सपना सबका होता है और अगर आप घर खरीदने के बारे में सोच रहे हैं। तो आपको बता दें कि 1 अप्रैल 2019 के बाद से घर खरीदना सस्ता हो गया है।

 

क्योंकि जीएसटी काउंसिल से 1 अप्रैल से जीएसटी की नई दरें लागू करने का निर्देश दिया है। जिसके अनुसार अंडर कंस्ट्रक्शन मकानों पर 12 फीसदी की जगह अब 5 प्रतिशत टैक्स ही देना होगा। वहीं अफोर्डेबल हाउस पर जीएसटी की दर भी घटा दी गई है। इसके लिए जो दर पहले 8 फीसदी थी, उसे अब मात्र 1 फीसदी कर दिया गया है। ऐसे में घर खरीदने वालों के काफी सहूलियत मिलेगी।

घर के अलावा जीवन बीमा भी 1 अप्रैल 2019 के बाद से सस्ता हो जाएगा। क्यंकि आज से कंपनियां मृत्युदर के नए आंकड़ों का पालन करेंगी। अभी तक जीवन बीमा कंपनियां 2006-08 के डाटा का इस्तेमाल कर रही थीं। जो कि अब बदलकर 2012-14 हो जाएगा। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। इस नए बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा 22 से 50 साल के लोगों को होगा। नए बदलाव से जीवन बीमा के प्रीमियम की दर भी कम हो जाएगी।

घर और जीवन बीमा के अलावा लोन लेने वाले लोगों को भी सहूलियत मिलेगी। क्योंकि 1 अप्रैल 2019 के बाद से सभी तरह के लोन काफी सस्ते हो गए हैं। बैंक अब एमसीएलआर के बजाय, आरबीआई के रेपो रेट के आदार पर लोने देंगे। जिसेस लोगों को अब सस्ता लोन प्राप्त हो सकेगा। आरबीआई ने रेपो रेट घटाने के तुरंत बाद ब्याज दर घटाना होगा। जिसे अभी तक बैंक खुद निर्धारित करते थे।

जीवन बीमा के साथ-साथ लोगों को मोटर बीमा के लिए भी पहले की अपेक्षा कम पैसे चुकाने होंगे। नए फाइनेंशियल ईयर में थर्ड पार्टी मोटर बीमा प्रीमियम फिलहाल नहीं बढ़ने जा रहा है। ज्यादातर ऐसा होता है कि फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ जाता है। जिससे ग्राहकों की जेब पर ज्यादा बोझ आता है लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा।

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