विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी, प्रेशर कम करने के लिए लिया गया बड़ा फैसला  

भाटी ने बताया कि राज्य में गहलोत सरकार ने दो सालों में 87 नए कॉलेज खोलकर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। पहले 1950 से लेकर 2018 तक पूरे प्रदेश में 250 के करीब कॉलेज थे।

झुंझुनू: राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा है कि स्कूली शिक्षा की तर्ज पर कोरोना के चलते हुए शैक्षणिक सत्र के नुकसान की भरपाई करने और विद्यार्थियों को राहत देने के लिए कॉलेज शिक्षा के सलेबस में भी कमी होगी।

झुंझुनू दौरे पर आए भंवरसिंह भाटी ने बताया कि ना केवल सलेबस कम करने को लेकर, बल्कि कॉलेज खोलने, प्रमोद विद्यार्थियों की मार्कशीट जारी करने, कॉलेज विहिन उपखंडों में कॉलेज खोलने, प्रिंसीपलों की डीपीसी तथा लेक्चचररों की भर्ती को लेकर सरकार गंभीर है।

कोरोना के चलते प्रथम व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट भी किया गया था

उन्होंने भंवरसिंह भाटी ने कहा कि कोरोना के चलते प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया था। जिसे लेकर सभी यूनिवर्सिटी को निर्देश दिए गए थे कि वे नवंबर 2020 तक सभी को मार्कशीट उपलब्ध करवा दें। काफी यूनिवर्सिटी ने यह काम कर दिया है। लेकिन कुछ यूनिवर्सिटी की शिकायतें अभी भी आ रही हैं। जिसे लेकर उन्हें रिमाइंडर दिया जाएगा।

भाटी ने बताया कि राज्य में गहलोत सरकार ने दो सालों में 87 नए कॉलेज खोलकर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। पहले 1950 से लेकर 2018 तक पूरे प्रदेश में 250 के करीब कॉलेज थे। एक सरकार पांच साल में 10 से 15 कॉलेज ही खोल रही थी। लेकिन इस सरकार ने हर उपखंड में कॉलेज के वादे को पूरा करने की दिशा में दो साल में 87 नए कॉलेज खोले है। साथ ही कॉलेज विहिन उपखंडों में भी महाविद्यालय खोल जाएंगे।

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