खुशखबरी: एक अगस्त से सिर्फ एक ही एमआरपी पर मिलेगा सामान

मुंबई: महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार में खाद्य व आपूर्ति विभाग राज्यमंत्री रवींद्र चव्हाण ने पूरे देश में एक ही कीमत पर वस्तुओं की बिक्री के संकेत दिये हैं। उन्होंने विधान परिषद में बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने एक अगस्त से पूरे देश में एक ही अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर वस्तुओं को बेचने संबंधी कानून लागू करने का फैसला किया है। हालांकि उनके इस वक्तव्य पर केंद्र की ओर से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन कयास लग रहे हैं कि पिछले कई दिनों से इस पर योजना बन रही है।

समान कीमत पर मिलेंगी वस्तुएं

इस कानून के लागू हो जाता है तो अलग-अलग दरों पर मॉल-मल्टीप्लेक्स में खाद्य पदार्थ की बिक्री नहीं हो सकेगी। इससे पहले विधानपरिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने फूड मॉल और मल्टीप्लेक्स में खाने-पीने की वस्तुओं पर प्रिंटेड रेट से ज्यादा पर बेचे जाने का मामला उठाया था। इसके जवाब में राज्यमंत्री चव्हाण ने कहा कि सरकार नीतियों में जल्द ही बदलाव करने जा रही है।

सरकार रखेगी नजर

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने अधिकारियों को एमआरपी से ज्यादा पैसा वसूलने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वस्तु की एमआरी से ज्यादा पर बिक्री और फर्जी सर्विस चार्ज वसूलने पर सरकार को सूचित करने की बात कही है। साथ ही जनता को जागरूक बनाने के लिए उपभोक्ता संगठनों का सहयोग मांगा है।

वस्तु की एमआरपी में शामिल होता है GST

दरअसल, किसी भी वस्तु या सेवा की एमआरपी में सभी तरह के टैक्स यानी जीएसटी शामिल है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि यदि कोई भी दुकानदार या सेवाप्रदाता आपसे एमआरपी के ऊपर सर्विस चार्ज लगाता है तो यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।

नियम तोड़ने पर हो सकती है जेल की सजा

गौरतलब है कि पासवान ने पिछले वर्ष ही बोतलबंद पानी, कोल्ड ड्रिंक के लिए एमआरपी से अधिक पैसा वसूलने पर होटल, रेस्त्रां और मल्टीप्लेक्स के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान किया था। जिसमें लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट की धारा 36  में उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पहली और दूसरी बार क्रमश: 25 व 50 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं तीसरी बार पकड़े जाने पर 1 लाख रुपए के जुर्माना अथवा एक साल कैद की सजा हो सकती है।

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