दिल्ली हिंसा में देखने को मिली सद्भावना, हिन्दू ने मस्जिद तो मुश्लिम ने मंदिर बचाया

नई दिल्ली:उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने कुछ जगहों पर धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया। लेकिन हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित शिव विहार स्थित महालक्ष्मी एन्क्लेव रहा, जहां दोनों समुदाय के लोगों ने सांप्रदायिक सद्भाव की अनोखी मिसाल पेश की है। इस इलाके में स्थित मंदिर की रखवाली मुस्लिम समुदाय के लोग करते हैं जबकि मस्जिद का हिंदू समाज।

शिव विहार तिराहे से कुछ दूरी पर स्थित इस इलाके तक हिंसा की आग नहीं पहुंची सकी। वजह इस इलाके में हिंदू- मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग आपस में मिलकर रहते हैं। इसी इलाके में ज्वाला ज्योति नाम का मंदिर है, जोकि यहां रहने वाले लोगों की आस्था का केंद्र है।

ऐसे में यहां ज्योति वाले गुरुजी के नाम से मशहूर महंत ने इलाके में मस्जिद और मुस्लिम समुदाय के लोगों के घरों व दुकानों की रक्षा की। महंत अपने 20 लोगों की टीम के साथ रात भर इलाके की सुरक्षा की और चाय पिलाकर सौहार्द की मिठास भी घोलने का काम कर रहे हैं। इस कॉलोनी में केवल पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी बढ़ चढ़कर भाग लेती हैं।

इसी इलाके में रहने वाले मंसूर कॉलोनी के दूसरे भाग पर रहकर मंदिर समेत पूरी कॉलोनी में रहने वाले लोगों की रखवाली करते हैं। मंसूर ने बताया कि बीते 20 सालों से यहां पर परिवार के साथ रह रहे हैं। हमारे इलाके में यह आपसी भाईचारा व सौहार्द की वजह से हमने हिंसा की आग को कॉलोनी तक नहीं पहुंचने दी।

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