गोरखपुरः साइकिल ट्रैक और व्ही पार्क अतिक्रमण में गुम हुए

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गोरखपुर। महानगर में सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट इस तरह फेल होगा किसी ने कल्पना तक नहीं की थी लेकिन यह सच है।

सीएम अखिलेश यादव ने बीते हफ्ते जिस सवा करोड़ के साईकिल ट्रैक का शिलान्यास किया वहां अभी से पनीर की दुकाने सज गई हैं। मोहद्दीपुर पुलिस चौकी से यूनिवर्सिटी चौराहे तक पूरा ट्रैक पटरी के दुकानदारों ने कब्जे में ले लिया है। इसे जिला प्रशासन और पुलिस की घोर लापरवाही ही कहेंगे कि सीएम का कोर इश्यू चंद दिनों तक न टिक पाया। जीडीए को इस ट्रैक के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभी ट्रैक का करीब तीस प्रतिशत निर्माण बाकी है। प्रशासन ने सख्ती दिखाकर सीएम दौरे तक ट्रैक को खाली रखा। जैसे ही सीएम गए, दोनों चौराहों की पुलिस चौकियों ने वसूली कर ट्रैक पर दुकानें लगवा दीं।

व्ही पार्क का भी बुरा हाल
सीएम अखिलेश यादव ने गोरखपुर में दावा किया था कि यहां के व्ही पार्क को लोहिया पार्क जैसा बनाया जाएगा। स्थानीय पुलिस की मेहरबानी से व्ही पार्क के सामने भी अतिक्रमण हो गया है। पार्क में शाम ढलते ही कुछ अराजक तत्वों का भी जमावड़ा होने लगा है।

गोरखपुर में चलता है अतिक्रमण उद्योग
शायद सुनने में अजीब लगे लेकिन यह सच है कि गोरखपुर में अतिक्रमण ने एक संगठित उद्योग का रूप ले लिया है। गोलघर के बड़े व्यापारी दुकान के सामने ठेला लगाने वालों से किराया लेते हैं। ट्रैफिक पुलिस भी इनसे अलग से किरायेदारी वसूल करती है। स्थिति यह है कि मोमोज के ठेले लगाने वाले कुछ ऐसे दुकानदार हैं जो रोजाना डेढ़ सौ रूपये तक पुलिसवालों को देते हैं। स्पष्ट फेरी नीति न बन पाने और प्रशासन की लापरवाही के कारण गोरखपुर अतिक्रमण के चंगुल में जकड़ा हुआ है।

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