गोरखपुर का प्रसिद्ध खिचड़ी मेले पर आतंकी नजर…सुरक्षा फुलप्रूफ

gorakh1गोरखपुर। यूं तो हर साल गोरखनाथ के खिचड़ी मेले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहती है लेकिन इस बार आतंकी हमले के मद्देनजर बात कुछ अलग है। गोरखनाथ मंदिर, जिला और पुलिस प्रशासन की सहमति से इस बार मेले में सबसे ज्यादा फोकस सुरक्षा पर होगा। व्यवस्था से जुड़े लोगों का दावा है कि इस साल लगने वाला खिचड़ी मेला ‘बुलेटप्रूफ’ मेले जैसा होगा। देश में आतंकी खतरे के मद्देनजर इस तरह की पहल करनी पड़ रही है।

गोरखपुर की सीमाएं चूंकि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल की खुली सीमाओं से मिलती हैं, लिहाजा हालात और भी संवेदनशील हैं। 14 जनवरी से शुरू हो रहे खिचड़ी मेले में नेपाल से भी श्रद्धालु गोरखपुर आएंगे। श्रद्धालुओं की आड़ में कोई राष्ट्रविरोधी ताकत लाखों की भीड़ में गड़बड़ी न फैला पाए इसके लिए एहतियातन कड़े कदम उठाए गए हैं। गोरखनाथ मंदिर प्रशासन ने भी मांग कि है कि सुरक्षा के लिहाज से कड़े बंदोबस्त होने चाहिए।

Khichadi-Melaकंमाडो और आरएएफ के हाथ में कमान

जिला प्रशासन इस प्रयास में है कि मेले में कंमाडोज की तैनाती की जाए। सूत्रों का दावा है कि इसके लिए भारत सरकार से आग्रह किया जा चुका है। मेले में आरएएफ की कंपनियां गश्त करेंगी और एक थाना चौबीस घंटे मेला क्षेत्र में ही सक्रिय रहेगा। भीम सरोवर के पास जल पुलिस की तैनाती रहेगी और पर्याप्त मात्रा में पीएसी बल मौजूद रहेगा। आगामी 31 दिसम्बर तक कम से कम आधा दर्जन पुलिस चौकियों की स्थापना हो जाएगी।

बैठक में तय हुआ सुरक्षा खाका

पिछले दिनों गोरखनाथ मंदिर में पीठाधीश्वर और सांसद महंत आदित्यनाथ, गोरखपुर की डीएम रंजन कुमार और एसपी सिटी हेमंत कुटियाल समेत दर्जनों विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में खिचड़ी मेले का सुरक्षा खाका तैयार किया गया। तय हुआ कि मेला परिसर की सुरक्षा के अलावा आसपास के इलाकों में भी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। सुरक्षा और सुविधा की लिहाज से तय पार्किंग स्थल मेला क्षेत्र से काफी दूर होंगे।

Khichdi melaतीसरी आंख रखेगी निगाह

मेला परिसर में कम से कम दो दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। इसके अलावा 7 वाच टावर बनाए जाएंगे। पुलिस प्रशासन की तैयारी है कि मेला क्षेत्र में खिचड़ी के दिन ड्रोन कैमरे से भी निगरानी रखी जाए। मुख्य मंदिर तक वीआईपी वाहनों को छोड़कर कोई भी वाहन नहीं जाएगा। वाहनों के लिए परिसर से काफी दूर पार्किंग स्थल सक्रिय रहेंगे।

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