नैनीताल रोप-वे मामले में सरकार और सभी पक्षकार उचित समाधान निकालें: हाईकोर्ट

उत्तराखंड उच्च न्यायालय
उत्तराखंड उच्च न्यायालय

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जनपद के रानीबाग में प्रस्तावित रोप-वे के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए पर्यटन विकास बोर्ड, पर्यटन सचिव, नैनीताल के जिलाधिकारी एवं याचिकाकर्ता से रोप-वे के निर्माण के संबंध में संयुक्त बैठक कर रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा है।

नैनीताल निवासी प्रसिद्ध पर्यावरणविद् प्रोफ़ेसर अजय रावत की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी की खण्डपीठ में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से रानीबाग से नैनीताल के लिए रोप-वेे योजना का निर्माण प्रस्तावित है।

इस योजना के तहत नैनीताल के हनुमानगढ़ी में रोप-वे टर्मिनल का निर्माण किया जाना है। यह क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से काफी संवेदनशील है। लिहाजा यहां किसी भी प्रकार का निर्माण किया जाना भूगर्भीय दृृष्टि से उचित नहीं है। उच्च न्यायालय की ओर से पूर्व में भी हनुमानगढ़ी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई गयी है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजीव सिंह बिष्ट ने बताया अदालत ने सभी पक्षकारों को निर्देश दिए हैं कि सभी पक्षकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संयुक्त बैठक कर उचित समाधान निकालने का प्रयास करें और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करें।

 

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