LIC IPO में विदेशी इनवेस्टमेंट के लिए सरकार को नहीं है कानून में बदलाव की जरूरत

नई दिल्ली : LIC IPO में विदेशी भागीदारी की अनुमति देने के लिए कानून में बदलाव करने से सेंट्रल गवर्नमेंट बच सकती है। इस कड़ी में मार्केट रेगुलेटर सेबी के लिस्टिंग नॉर्म्स और सेक्टर में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट की अनुमति देने वाली गाइडलाइंस के तहत विदेशी इनवेस्टर्स को अनुमति मिल सकती है।

LIC IPO के बाद  इसके पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व होगा दस फीसद हिस्सा

सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अलावा इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश को इंश्योरेंस एक्ट, इरडा एक्ट और इनके तहत बनाए गए रूल्स के जरिए भी रेगुलेट किया जाता है। अगर किसी स्पष्टीकरण की जरूरत होती है तो सरकार रूल्स में संशोधन कर सकती है। LIC की लिस्टिंग के लिए सरकार ने हाल ही में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेट एक्ट, 1956 में संशोधन किया था। इसके तहत आईपीओ के बाद पांच सालों तक कंपनी में सेंट्रल गवर्नमेंट की कम से कम पिछत्तर प्रतिशत हिस्सेदारी होगी जिसे बाद में इक्यावन फीसद कर दिया जायेगा।

आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान एलआईसी की ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल 25,000 करोड़ रुपये होगी और इसे दस रुपये प्रत्येक के पचीस सौ करोड़ शेयर्स में बांटा जाएगा।

यह भी पढ़ें : किसान न्याय रैली में बोली प्रियंका, पीएम मोदी लखनऊ आए लेकिन लखीमपुर क्यों नही गए

Related Articles