green energy में आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार ने लांच की यह योजना

नई दिल्ली : देश में green energy इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार ने ग्रीनफील्ड एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए ग्लोबल बिड्स मंगाई हैं। देश में अभी इस की पूरी डिमांड को इम्पोर्ट के जरिए पूरा किया जा रहा है।

green energy से होगी पर्यावरण की हिफाज़त

इससे लिथियम आयन सेल्स के लिए चीन और ताइवान से काफी इम्पोर्ट हो रहा है। सरकार अब चाहती है कि लोकल या विदेशी कंपनियां इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाएं। इसके लिए सरकार की ओर से मदद दी जाएगी। इन बिड्स को अगले वर्ष जनवरी में खोला जाएगा। बिड डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि प्रत्येक बिडर को न्यूनतम 5 GWh कैपेसिटी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगानी होगी और दो वर्ष के अंदर न्यूनतम 25 प्रतिशत और पांच वर्षों में न्यूनतम 60 प्रतिशत का वैल्यू एडिशन करना होगा।

चुनी गई कंपनी को प्रति GWh कम से कम 250 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करना होगा। इसमें जमीन की कीमत शामिल नहीं होगी। यह प्रोजेक्ट प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत होगा और इन यूनिट्स को लगाने के लिए कुल 18,100 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा। सब्सिडी का भुगतान दो वर्ष की अवधि के बाद शुरू होगा।

इसके से इलेक्ट्रिक एनर्जी को इलेक्ट्रोकेमिकल या केमिकल एनर्जी के तौर पर स्टोर किया जा सकता है और जरूरत होने पर इसे वापस इलेक्ट्रिक एनर्जी में कन्वर्ट किया जा सकता है। इस योजना का उद्देश्य इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करना है। आगामी वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, एडवांस्ड इलेक्ट्रिक ग्रिड्स और सोलर रूफटॉप सेगमेंट में तेजी से ग्रोथ होने की संभावना है।

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