दिल्‍ली सरकार की रिपोर्ट में तो जेटली का जिक्र नहीं

jaitleyनई दिल्ली। डीडीसीए घोटाले पर जांच कमेटी की रिपोर्ट में अरुण जेटली के नाम का जिक्र नहीं होने के बाद भाजपा ने सीएम अरविंद केजरीवाल से माफी मांगने को कहा है। साथ ही केजरीवाल से यह भी कहा है कि वह कोर्ट में मानें कि उन्होंने जेटली की मानहानि की है।

बता दें कि घोटाले की जांच के लिए 3 मेंबर्स वाली यह कमेटी दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने ही बनाई थी। इतना ही नहीं, केजरीवाल ने घोटाले को लेकर फाइनेंस मिनिस्टर जेटली पर गंभीर आरोप भी लगाए थे।

केजरीवाल ने लोगों को बनाया मूर्ख: बीजेपी

बीजेपी के स्पोक्सपर्सन एमजे अकबर ने रविवार को कहा- दिल्ली की आप सरकार ने डीडीसीए रिपोर्ट को लेकर केवल तमाशा किया। आम आदमी पार्टी की सरकार को केंद्र पर ब्लेम लगाने की आदत है और उसने हमेशा की तरह यही किया। दिल्ली के सीएम लोगों को मूर्ख बना रहे थे और उनकी पार्टी खबरों में रहने के लिए ‘नाटक’ कर रही थी।

करप्शन का बचाव करती है बीजेपी: केजरीवाल

बीजेपी के पलटवार के बाद सीएम केजरीवाल ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- आप और बीजेपी में यही फर्क है। आप सबूतों के आधार पर तेज और ठोस कार्रवाई करती है, जबकि बीजेपी करप्शन का बचाव करती है और जांच से दूर भागती है।
केजरीवाल ने मीडिया पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा- कुछ मीडिया हाउस जेटली जी को निर्दोष करार देने के लिए बेकरार है। आखिर जेटली जांच से क्यों डर रहे हैं?

माफी न मांगने पर बीजेपी से निकाले जा सकते हैं कीर्ति!

इस बीच, सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले को लेकर जेटली पर निशाना साधने वाले बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद को माफी न मांगने पर पार्टी से बाहर किया जा सकता है। पार्टी कीर्ति को सस्पेंड पहले ही कर चुकी है।

जेटली के वक्त कोई घोटाला नहीं!Arvind-Kejriwal-hd-wallpaper1

डीडीसीए घोटाले की जांच के लिए दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।  सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में घोटाले का तो जिक्र है, लेकिन कहीं भी जेटली का नाम नहीं लिया गया है।
247 पेज की इस रिपोर्ट में जेटली की तरफ से किसी तरह की धोखाधड़ी या कुछ गलत करने की बात नहीं कही गई है। यहां तक कि जेटली के टेन्योर (जब डीडीसीए के प्रेसिडेंट थे जेटली) में किसी भी तरह के घोटाले का जिक्र नहीं किया गया है। इस रिपोर्ट पर दिल्ली सरकार ने गोपाल सुब्रमण्यम की अगुआई में एक जांच कमीशन बनाया है।

क्या कहा था केजरीवाल ने?
सीएम केजरीवाल ने अपने प्रिंसिपल सेक्रेटरी के ऑफिस में सीबीआई के छापे के बाद केंद्र पर आरोप लगाया था। केजरीवाल ने कहा था कि उनके ऑफिस से डीडीसीए घोटाले की फाइल उठाने के लिए यह रेड डाली गई थी, क्योंकि इसमें अरुण जेटली फंसने वाले हैं।

PM बताएं, मेरा कसूर क्या है : कीर्ति

– इस बीच, बीजेपी से बाहर किए जाने के सवाल पर आजाद ने कहा, ‘मैं बीजेपी से 22 साल से जुड़ा हूं। मेरी पार्टी में डेमोक्रेटिक स्ट्रक्चर है और मुझे उम्मीद है कि मुझे पीएमओ से जवाब जरूर मिलेगा।’  मैं पीएम से कहना चाहता हूं कि वह सामने आकर बतायें कि मेरा कसूर क्या है? मैं जानना चाहता हूं कि क्या मुझे डीडीसीए में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी गई है। मैं जवाब चाहता हूं। पार्टी को यह बताना चाहिए कि मैंने किनके साथ सांठ-गांठ की। अमित शाह द्वारा भेजे गए सस्पेंशन लेटर में सांठ-गांठ का जिक्र था। कीर्ति ने यह भी कहा कि पार्टी के मार्गदर्शक मंडल को इस मामले में दखल देना चाहिए।

azadfb_647_121815075402_122015105358कीर्ति को डीडीसीए से बाहर किए जाने का फैसला टला

इससे पहले, कीर्ति आजाद को डीडीसीए से भी बाहर किए जाने की खबर थी। उनके साथ पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी, सुरेंदर खन्ना, समीर बहादुर को भी बाहर किए जाने का शनिवार को एलान किया जाना था। लेकिन फैसला नहीं हो सका। डीडीसीए वर्किंग कमेटी की बैठक को फिलहाल अनिश्चितकाल तक के लिए टाल दिया गया है। ये सभी खिलाड़ी अभी डीडीसीए के मेंबर हैं। डीडीसीए में 4 हजार 294 मेंबर्स हैं।

 

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