मृत कर्मचारी की पेंशन पत्नी के नाम ट्रांसफर करने के लिए सहायक लेखाकार ने मांगी रिश्वत, हुआ गिरफ्तार

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संतकबीर नगर। भले ही उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ योगी सरकार प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने की कवायद में जुटी हो लेकिन वो भ्रष्टाचारियों के हौसलों को हिला नहीं पा रही है। ताजा मामला संतकबीर नगर जिले से प्राप्त हुई है जहां भ्रष्टाचार निवारण विभाग की टीम ने कोषाधिकारी कार्यालय में तैनात सहायक लेखाकार को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

बेशर्म सहायक लेखाकार ने मृत कर्मचारी की पेंशन उनकी पत्नी के नाम पर स्थानांतरित करने के लिए पांच हजार रुपये की घूस मांगी थी। भ्रष्टाचार निवारण की गोरखपुर परिक्षेत्र की टीम ने उसे गिरफ्तार किया।

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गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक बब्बन यादव ने बताया कि घनघटा क्षेत्र के रामपुर छितौना गांव निवासी महिला भानमती प्रजापति पत्नी दिवंगत पड़ोही प्रजापति की पेंशन अपने नाम स्थानांतरित कराना चाहती थी।

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उन्होंने बताया कि इस काम के एवज में संत कबीरनगर जिले में कोषाधिकारी कार्यालय (ट्रेजरी ऑफिस) के सहायक लेखाकर बृजेश चंद्र आर्य ने उन से रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत महिला ने एंटीकरप्शन गोरखपुर से की थी, जिस पर टीम ने जाल बिछाते हुए बृजेश चंद्र आर्य को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री आएदिन सूबे के विभागों को सुचारू रूप से चलाने के बड़े बड़े दावे करते रहते हैं। इसको लेकर सीएम योगी अपने मंत्रियों पर विभागों का औचक निरिक्षण करने का आदेश तक सूना चुके हैं लेकिन इन औचक निरिक्षण का विभागों में तैनात भ्रष्टाचारियों पर कोई ख़ास प्रभाव पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है।

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