देश में एक समान कीमतों के लिए स्वर्ण बोर्ड बनाए सरकारः नवीन माथुर

कमोडिटी बाजार आम बजट, 2020-21 से सोने के बाजार के नियमन के लिए स्वर्ण बोर्ड बनाने की आस लगाए हुए हैं। आम भारतीयों में सोने की खरीदारी को लेकर खासा आकर्षण रहता है, लेकिन इसकी कीमत तय करने में एकरूपता का अभाव होने से देश के हर शहर में इसकी अलग-अलग कीमत होती है। वहीं इस क्षेत्र के विशेषज्ञ कमोडिटी बाजार को और बेहतर बनाने के लिए मंडी कर में छूट की मांग कर रहे हैं।

कमोडिटी विश्लेषक एवं आनंद राठी समूह के निदेशक नवीन माथुर ने कहा कि भारत में सोने की हाजिर कीमत विभिन्न ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा तय की जाती है। इस समय वैल्यू चेन में कीमत और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने का कोई तंत्र नहीं है। इसलिए सरकार बजट के जरिये एक स्वर्ण बोर्ड बनाने की घोषणा करे, ताकि घरेलू बाजार में इसकी कीमतों की एकरूपता हो साथ ही यह क्षेत्र ज्यादा पारदर्शी बन सके।

माथुर का कहना है कि पिछले बजट में सोने पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया गया था। इससे रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के लिए दिक्कतें होने के साथ ही सोने की तस्करी में भी इजाफा हुआ है। इससे सोने की तस्करी पर तो लगाम लगेगी और रत्न एवं आभूषणों का निर्यात भी बढ़ेगा।

एग्री कमोडिटी का बाजार बेहतर बनाने के लिए सरकार से किसानों की उपज की खरीद को आसान बनाने की आशा है। उनका कहना है कि पिछले दो बजट में सरकार की घोषणाओं के मूल में कृषि रहा है। सरकार ने उन सभी मसलों को हल किया है, जिससे किसान परेशान हैं। इसलिए यह उम्मीद की जा रही है कि इस बजट में कुछ ऐसे किसानों के फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने तथा फसलों की खरीद की व्यवस्था बेहतर करने के उपाय होंगे।

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