सरकार, प्रदूषण से बचने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर देगी जोर

इस बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स घटाया गया

इस बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है. जिससे कि अब इलेक्ट्रिक कार, बाइक पर अब 5 फीसदी टैक्स लगेगा. इससे खरीददारों को छूट का लाभ मिलेगा. इसका सीधा यह मतलब है कि सरकार प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए इस तरह का कदम उठा रही है.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे खरीददारों को छूट का लाभ मिलेगा.मंत्री ने यह भी कहा कि ई वाहनों पर जीएसटी को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया जाएगा. साथ ही स्टार्टअप के लिए बड़ी छूट का ऐलान किया गया है. उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप को एंजल टैक्स नहीं देना होगा और आयकर विभाग भी इनकी जांच नहीं करेगा. सड़कों पर प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्र‍िक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार बैट्री से चलने वाले सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन फीस माफ करेगी. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए नोटिफिकेशन का प्रारूप जारी कर दिया था. मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) 1989 के तहत दो तरह के रजिस्ट्रेशन फीस की व्यवस्था लाने की कवायद शुरू कर दी है. मंत्रालय ने CMVR के नियम 81 में बदलाव के लिए 18 जून को एक प्रारूप अधिसूचना जारी कर दी है.इसकी सुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने यहाँ साल 2014 में संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बेरोजगार नौजवानों में ई-रिक्शा वितरित किए थे, उसी समय से यह क्रांति धीरे-धीरे चल थी. वर्ष 2018 तक देश में करीब 15 लाख बैटरी चालित ई-रिक्शा थे. भारत में 10000 ई-रिक्शा चलाने की योजना है. चीन में करीब 13.5 लाख इलेक्ट्र‍िक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं. लेकिन ई-रिक्शा को छोड़ दें तो भारत में यह संख्या महज 7000 है. भारत की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी मारुति सुजुकी के पास अभी तक कोई इलेक्ट्र‍िक वाहन नहीं है और कंपनी की योजना 2020 तक अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन लाने की है.

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