गलती सुधारेगी सरकार, कृषि कानूनों को खत्म करने के लिए लोकसभा में पेश करेगी बिल

नई दिल्ली: तीनों कृषि कानूनों को वापस करने का बिल सोमवार को लोक सभा में पेश होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर तीनों कृषि कानूनों की वापसी का बिल पेश करेंगे और माना जा रहा है कि सोमवार के ही दिन बिल पर चर्चा होगी और इसे पास करवा लिया जाएगा।

सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने सांसदों को उस दिन उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। वहीं दूसरी तरफ किसानों ने एमएसपी के गारंटी कानून लागू नहीं होने तक अपने आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया है। किसान संगठनों ने कहा है कि हमने 29 नवंबर को संसद तक होने वाली ट्रैक्टर मार्च को स्थगित कर दिया है लेकिन अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा कर चुकी है। यह देश के 14 करोड़ कृषि परिवारों का सवाल है और महज 6 फीसदी किसान ही एमएसपी का लाभ उठा पाते हैं। बाकी 94 फीसदी बाजार और बिचौलियों पर ही निर्भर रहते हैं।

अन्य क्षेत्रों की तुलना में कृषि क्षेत्र आय असमानता को सबसे अधिक देख रहा है। इसलिए किसानों को एमएसपी का कानूनी अधिकार दिए जाने की जरूरत है. कोई उनकी फसल उससे नीचे दाम पर न खरीदे। अगर कोई खरीदता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो और सरकार या संबंधित व्यक्ति उसकी क्षतिपूर्ति करें। यह कितना विचारणीय विषय है कि जो किसान देश के 130 करोड़ आबादी का पेट भर रहा है, आज वह अपनी उपज का सही दाम भी हासिल नहीं कर पाता है।

देश के किसी किसान या किसान संगठन ने कभी ऐसे कानूनों की मांग नहीं की थी। किसान और कृषि संगठनों की मांग हमेशा एमएसपी और उसका सी2 के आधार पर निर्धारण, कर्ज मुक्त किसान और 100% फसल खरीद की रही है।

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