फिर छलका राजभर का दर्द, बोले – पहली बार मिली सीएम के साथ मंच पर कुर्सी

लखनऊ। राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा से नाराज चल रहे उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री व सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (भासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मंच पर सीट मिलने से अब सरकार के रवैये से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, कि इससे पहले कभी भी किसी भी बैठक में उन्हें और मेरी पार्टी के किसी भी विधायक को महत्व नहीं दिया जाता था।

ओमप्रकाश राजभर

पहली बार सीएम और अन्य मंत्रियों के साथ मंच पर जगह दी गई

राजभर ने माना कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद सरकार के रवैये में उनके प्रति परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहली बार सीएम और अन्य मंत्रियों के साथ मंच पर जगह दी गई। इससे पहले कभी भी किसी भी बैठक में उन्हें और मेरी पार्टी के किसी भी विधायक को महत्व नहीं दिया जाता था।

इस मामले में जवाब मांगा गया है

राजभर ने रविवार को राजभर ने भाजपा के नवनिवार्चित राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल से मुलाकात करके उन्हें बधाई दी। पार्टी विधायकों द्वारा कॉस वोटिंग पर राजभर ने कहा कि विधायक कैलाश नाथ सोनकर और त्रिवेणी राम से इस मामले में जवाब मांगा गया है। आरोप सिद्ध होने पर कार्रवाई भी की जाएगी। राजभर ने बताया कि 27 मार्च को पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।

राजभर की पार्टी के चार विधायक हैं और पार्टी बीजेपी सरकार में शामिल हैं

बता दें कि ओमप्रकाश राजभर की पार्टी के चार विधायक हैं और पार्टी बीजेपी के साथ यूपी की सरकार में शामिल है। ओपी राजभर को मंत्री भी बनाया गया है। बावजूद इसके वो खुलेआम बीजेपी सरकार पर ज्यादा सीटें मिलने के नशे में गठबंधन धर्म न निभाने के आरोप लगाते रहे हैं। साथ ही सहयोगी दल के रूप में अपनी पार्टी की अनदेखी के आरोप भी लगाते रहे हैं।

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