सरकार के Free वैक्सीनेशन ने किया प्राइवेट हॉस्पिटल्स का बंटाधार

नई दिल्ली : निजी अस्पतालों से भारत के कोविड -19 टीकाकरण अभियान में एक प्रमुख भूमिका निभाने की उम्मीद थी लेकिन सरकार के Free टीकाकरण अभियान ने इस भूमिका की हवा निकाल दी है। अब उनमें से कई को राज्य सरकारों को उपयोग नहीं किये गये टीके वापस करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

Free के सामने जनता नहीं पूछ रही प्राइवेट के टीकों को

इस कड़ी में आपकी जानकारी के लिए बता दें कोलकाता स्थित मेडिका सुपरस्पेशालिटी अस्पताल और फिक्की स्वास्थ्य सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ आलोक रॉय ने कहा कि कई अस्पताल  कोविड टीकों का बड़ा स्टॉक लेकर फंस गये हैं। रॉय ने सरकार द्वारा निर्धारित टीके की ज्यादा कीमतों को जिम्मेदार ठहराया। रॉय ने कहा कि अपने वैक्सीन के स्टॉक को खाली करने के लिए उनका अस्पताल बीस प्रतिशत की छूट दे रहा है।

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रॉय ने आगे कहा कि लोग कोविड टीकाकरण के लिए पैसा देने को तैयार नहीं हैं क्योंकि वे इसे सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त में प्राप्त कर रहे हैं और वे अपनी बारा का इंतजार करने को तैयार हैं।

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