राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री को लोकतंत्र और मानवता की मूर्ति बताया

राज्यपाल ने कहा कि अटल जी के त्यागपूर्ण नेतृत्व ने अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर देश का जो मान-सम्मान बढ़ाया, वह सदैव याद रखा जायेगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा आयोजित प्रथम व्याख्यानमाला को राजभवन से आनलाइन सम्बोधित करते हुुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में स्थापित यह चिकित्सा विश्वविद्यालय अपने आदर्श ध्येय वाक्य ‘आरोग्यमेव अटल अमृतम’ की भावना से प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थाओं में चिकित्सा ज्ञान का प्रसार और उसकी अभिवृद्धि में सहयोग करता रहेगा।

राज्यपाल ने कहा कि अटल जी के त्यागपूर्ण नेतृत्व ने अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर देश का जो मान-सम्मान बढ़ाया, वह सदैव याद रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि जनसामान्य विशेषकर युवा वर्ग श्रद्धेय अटल जी के आदर्श मूल्यों से प्रेरणा लेकर देश की एकता और अखण्डता को सुदृढ़ करने तथा भारत को विश्व में सर्वाधिक विकसित राष्ट्र बनाने में रचनात्मक भूमिका का निर्वहन करेंगे।

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अटल जी लोकतांत्रिक एवं मानवतावादी मूल्यों की स्थापना के कार्य में सतत् प्रयासरत रहे तथा उनका सम्पूर्ण जीवन पारस्परिक प्रेम, विश्व बन्धुत्व, भाईचारा एवं सहिष्णुता की स्थापना हेतु समर्पित रहा। स्वर्गीय अटल बिहारी ने आजादी के बाद भारत की घरेलू एवं विदेश नीति को आकार देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अटल जी विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों की प्रतिबद्धता को महत्व देते थे।

राज्यपाल ने कहा कि अटल जी का मानना था कि जीवन को टुकड़े में नहीं समग्रता में देखना चाहिए। सुशासन तभी आयेगा जब हम समस्याओं के बारे में समग्रता में सोचेंगे ओर उन्हें सुलझाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि वास्तव में सुशासन का असली मकसद है कि सुविधाएं सभी नागरिकों तक पहुंचे, सबको अवसर मिले और हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे।

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