नेपोटिज्म की बहस में आए गोविंदा, एक्टर ने किया अपने स्ट्रगल के दिनों को याद

मुंबई: बॉलिवुड के मशहूर ऐक्टर्स में से एक गोविंदा ने कई सालों तक सिल्वर स्क्रीन पर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है। गोविंदा की ऐक्टिंग के अलावा उनका डांस तो आज भी लोगों को थिरकने पर मजबूर कर देता है। गोविंदा ने बताया है किस तरह से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में संघर्ष के दिन देखे हैं, तब जाकर सफलता मिली है। गोविंदा ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपने करियर की शुरुआत के संघर्ष के बारे में बताया है। ऐक्टर ने कहा कि उन्हें किसी भी प्रड्यूसर से मिलने के लिए पहले घंटो इंतजार करना पड़ा है और कोई भी उन्हें इंडस्ट्री में नहीं जानता था। इतना ही नहीं कई लोगों ने उन्हें यह भी कहा कि वह इस इंडस्ट्री में अपना करियर नहीं बना पाएंगे।
जब बात बॉलिवुड के सबसे चहेते और हर दिल अजीज स्टार्स की आती है तो उनमें ऐक्टर गोविंदा का नाम भी बड़े अदब से लिया जाता है। गोविंदा 90 के दशक में अन्य स्टार्स के लिए टफ कॉम्पिटिशन बन गए थे। गोविंदा को शुरुआत से ही ऐक्टिंग का शौक था। इसीलिए उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती स्टारर ‘डिस्को डांसर’ देखी और उसके बाद घंटों तक प्रैक्टिस करके अपना एक प्रमोशनल कैसेट बनाया। उन्होंने राजश्री की फिल्मों में काम करने के लिए कई बार ऑडिशन दिया, लेकिन हर बार उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया।
आपको बता दें कि गोविंदा न सिर्फ एक ट्रेंड डांसर हैं बल्कि एक ट्रेंड क्लासिकल सिंगर भी हैं। उन्होंने ‘शोला और शबनम’, ‘आंखें’ और ‘हसीना मान जाएगी’ जैसी फिल्मों में अपनी सिंगिंग का हुनर दिखाया। गोविंदा एक ऐसे स्टार हैं, जिनकी जोड़ी को न सिर्फ ऐक्टरों के साथ सराहा गया बल्कि हिरोइनों के साथ भी उन्होंने स्क्रीन पर जादू बिखेरा। कादर खान के साथ गोविंदा ने 41 फिल्मों में काम किया, तो वहीं शक्ति कपूर के साथ वह 42 फिल्मों में दिखे। जबकि ऐक्टर सतीश कौशिक के साथ गोविंदा ने 14 फिल्मों में काम किया। करिश्मा कपूर, रवीना टंडन और रानी मुखर्जी के साथ गोविंदा की जोड़ी का जादू दर्शकों के साथ-साथ फिल्मेकर्स पर इस कदर हावी था कि वे हर फिल्म में इन्हीं जोड़ियों को लेने के लिए बेचैन रहते। गोविंदा ने करिश्मा के साथ 10 फिल्में कीं, तो रवीना के साथ 9 फिल्मों में उनकी जोड़ी बनी।
गोविंदा इतने सक्सेसफुल स्टार रहे, लेकिन इसे किस्मत ही कहा जाएगा कि गोविंदा ने जिस भी फिल्म को करने से मना किया, वह बाद में हिट रही। शायद ही लोग जानते हों कि गोविंदा को ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘ताल’ और ‘देवदास’ जैसी फिल्में ऑफर की गईं, लेकिन उन्होंने रिजेक्ट कर दीं। रिलीज होने पर ये फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं। 80-90 के दशक में गोविंदा की पहचान एक ऐसे स्टार की बन गई थी जो एक साल में अपनी 14 फिल्में तक रिलीज करते थे। गोविंदा को स्टारडम की सीढ़ियों तक पहुंचने के लिए 14 साल का संघर्ष करना पड़ा। लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया जब फिल्ममेकर्स उन्हें अपनी फिल्मों में कास्ट करने के लिए लाइन लगाए खड़े रहते थे। गोविंदा तेलुगु ऐक्टर्स के लिए एक प्रेरणा हैं। वहां आज भी उनकी ऐक्टिंग और डांसिंग स्टाइल को फॉलो किया जाता है।
गोविंदा पर ऐक्टिंग का जुनून इस कदर हावी था कि एक बार उनका ऐक्सिडेंट हो गया, जिसमें उनके सिर पर चोटें आईं। काफी खून बह रहा था। इसके बावजूद गोविंदा ने शूट कैंसल नहीं किया और आधी रात तक शूट करते रहे। लेकिन फिल्में फ्लॉप होने का दौर शुरू हुआ तो निर्माता-निर्देशकों ने भी उनसे कन्नी काट ली। ऐसा कहा जाता है कि डेविड धवन जैसे निर्देशक ने भी गोविंदा से दूरी बना ली थी। डेविड धवन और गोविंदा की जोड़ी ने कई सुपरहिट फिल्में दीं। सलमान ने गोविंदा के डूबते करियर को संभाला और उनके साथ फिल्म ‘पार्टनर’ बनाई। हालांकि इसके बाद भी गोविंदा का करियर संभल नहीं पाया। ऐक्टर ने आगे कहा कि कई अन्य पॉप्युलर ऐक्टर्स को भी अपने शुरुआती करियर में संघर्ष का सामना करना पड़ा था लेकिन उनका दृष्टिकोण इस इंडस्ट्री में गला-काट कॉम्पिटिशन को लेकर है। बॉलिवुड में कुछ लोग हैं जो बिजनेस को कंट्रोल करते हैं लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि अब समय बदल रहा है। एक्टर ने कहा कि उनकी कुछ फिल्में सही तरह से रिलीज नहीं हो पाने के कारण अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रहीं, जिनसे उन्हें काफी उम्मीद थी। इस समस्या से बहुत से लोगों को जूझना पड़ता है।

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