‘संपर्क फॉर समर्थन’ के तहत मिलने पहुंचे गोयल तो ‘मुस्लिमों के आका’ ने जमकर सुनाई खरी-खोटी

नई दिल्ली। साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपनी प्रबल दावेदारी साबित करने में भाजपा कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके लिए भाजपा ने एक अभियान की शुरुआत की जिससे वो अपने सहयोगियों पर मजबूत पकड़ बना पाने में कामयाब रहे। इस अभियान को ‘संपर्क फॉर समर्थन’ का नाम दिया गया है।

ताजा मामले में इस अभियान के तहत केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने जामा मस्जिद के शाही इमाम से नजदीकिया बढ़ाने के लिए मुलाक़ात की। ताकि वे उन्हें फॉलो करने वाले मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर सकें। लेकिन शाही इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी ने भी उनके सामने अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए अपने दिल की भड़ास निकाल दी।

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लोकसभा चुनाव

खबरों के मुताबिक़ इमाम ने कहा, ‘वे हमारे पास आए लेकिन मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और उनके साथ बुरा बर्ताव हो रहा है। चुनाव में सिर्फ एक साल का वक्त है, अगर वे कुछ करते हैं, तो इसका स्वागत है, लेकिन हमारी कई शिकायतें हैं।’

इससे पहले केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को ईसाई धर्मगुरू बिशप वारिस मसीह से मुलाकात की थी।

नकवी ने शनिवार को शैक्षणिक एवं सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले मुस्लिम समाज के कुछ प्रमुख लोगों से भी मुलाकात की और कहा कि सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता भारत के डीएनए में है।

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‘इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर’ के अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैशी और मुस्लिम समाज के कुछ अन्य प्रमुख लोगों से मुलाकात के बाद नकवी ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा पिछले 4 वर्षों में ‘समावेशी-सर्वस्पर्शी विकास’ के लिए किए गए कामों के बारे में जानकारी दी।’

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले बीजेपी के ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान की शुरुआत बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मुंबई से की थी।

अमित शाह ने इसके तहत उद्योगपति रतन टाटा, योग गुरु रामदेव, पूर्व क्रिकेटर कपिल देव और बॉलिवुड ऐक्ट्रेस माधुरी दीक्षिरत से मुलाकात की।

वहीं पार्टी के अन्य सीनियर नेता भी नामचीन हस्तियों और कलाकारों से सम्पर्क साधने का काम कर रहे हैं।

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