नोएडा हादसा : 9 की मौत, योगी सरकार की कार्रवाई, OSD का तबादला और दो निलंबित

ग्रेटर नोएडा| राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के एक गांव में मंगलवार शाम दो इमारतें ढह गईं जिसमे मरने वालों की तादाद बढ़कर 9 हो गई है। कई लोगों के मलबे में अभी भी दबे होने की आशंका है। इन इमारतों में एक निमार्णाधीन थी जबकि दूसरी बनकर तैयार हो चुकी थी और उसमें कुछ परिवार रहने भी लगने थे। वहीं इस मामले में 24 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

नोएडा

एक अधिकारी के मुताबिक,शाहबेरी गांव में स्थित ये इमारतें मंगलवार रात 8.30 से नौ बजे के बीच जाहिर तौर पर इमारतों के भूतलों की दीवारों में अत्यधिक नमी आने और इमारतों में बेकार गुणवत्ता की निर्माण सामग्री का उपयोग होने के कारण गिरी हैं।

हालांकि मलबे में फंसे लोगों की संख्या पता नहीं है लेकिन अधिकारियों और आस-पास रहने वालों ने इमारत के मलबे में कम से कम 50 लोगों के दबे होने की आशंका जताई है जिनमें ज्यादातर मजदूर हो सकते हैं।

मृतकों की पहचान हुई 

नौवें मृतक की पहचान नौशाद अहमद के रूप में हुई है। राहत कार्य के दौरान आठ लोगों के शव को मलबे से बाहर निकाले जा चुके हैं जिनमें पांच पुरुष, दो महिला और एक बच्ची शामिल है। महिलाओ की शिनाख्त प्रियंका त्रिवेदी और राजकुमारी, वहीं पुरुषों में तीन की शिनाख्त रंजीत भीमाली, शमशाद, शिव त्रिवेदी के रूप में हुई है। इसके अलावा, 14 महीने की बच्ची की शिनाख्त पंखुड़ी उर्फ गुनगुन के रूप में हुई है। हालांकि, अभी तक दो पुरुषों के शव की अभी तकक पहचान नहीं हो पाई है।

OSD का तबादला और दो निलंबित

मौके पर मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से लगातार जारी है। बिल्डिंग गिरने के इस मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष कार्याधिकारी अधिकारी विभा चहल को ओएसडी के पद से हटा कर विशेष सचिव कृषि उत्पादन शाखा बनाया गया है। नोएडा के प्रोजेक्ट मैनेजर बीपी सिंह और असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर अब्बास जैदी को निलंबित कर दिया गया है। 24 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है जिनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

राहत कार्य जारी 

उल्लेखनीय है कि बचाव अभियान बुधवार शाम तक जारी था और बचावकर्मी ड्रिलिंग मशीन, हथौड़े और आरी से पत्थर और लोहे की सरियों को काट रहे थे। मलबे में जीवित लोगों की तलाश के लिए जासूसी कुत्तों का भी सहयोग लिया गया।

निर्माण कार्य के चलते इमारत तक जाने वाला सड़क मार्ग जगह-जगह खुदा पड़ा है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है जिससे क्रेनों और ड्रिलिंग मशीनों को घटनास्थल पर पहुंचने में परेशानी हुई।

चार लोग हिरासत में 

मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने  बताया कि बिल्डर गंगा प्रसाद द्विवेदी सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा, “चारों लोगों से पूछताछ हो रही है। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कदम उठाए जाएंगे।”

बहुमंजिला व्यावसायिक और आवासीय इमारत परिसर के अभी भी अविकसित होने के कारण पथरीली सड़कों पर कीचड़ और पानी भरा हुआ है। इमारत में और इसके आसपास रह रहे मजदूरों का कोई आंकड़ा नहीं होने के कारण मलबे में फंसे लोगों की संख्या के बारे में अभी भी पुष्टि की जा रही है। इस इलाके में कई इमारतें निमार्णाधीन हैं और मजदूर इनमें रहते हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की चार टीमों ने मलबे से शव बाहर निकाले।

मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए नोएडा के जिलाधिकारी को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

इस घटना पर अपर सूचना सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया, “मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री ने लिया है। उन्होंने गौतमबुद्घ नगर के जिलाधिकारी को तत्काल राहत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हैं।”  अवस्थी ने बताया कि उन्होंने एसडीआरएफ और पुलिस को भी तत्काल राहत कार्य में जुटने का निर्देश जारी किया है।

15 दिन में में मांगी जाँच रिपोर्ट 

गौतमबुद्घनगर जिले के जिलाधिकारी ब्रजेश नारायण सिंह ने मामले की जांच एडीएम विनीत कुमार को सौंपी है। 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

यह भी जांच की जा रही है कि क्या दोनों इमारतें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में आती हैं, अगर ऐसा है तो निर्माण शुरू होने से पहले आवश्यक मंजूरी के लिए कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया था या नहीं।

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