रामपुर में CAA विरोध के दौरान हुई हिंसा के 67 आरोपियों पर लगा गुंडा एक्ट

लखनऊ: सिटीज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट यानी CAA के विरोध में 2019 के आखिर में शुरू हुए बवाल पर यूपी पुलिस से सख्त रुख अख्तियार किया है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध से रामपुर में उपजी हिंसा के 67 आरोपियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई की है। इनके खिलाफ प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किये गए हैं। इसके बाद से प्रदेश भर में हिंसा फ़ैलाने वालों में खलबली मच गई है।

2019 के दिसंबर महीने में सिटीज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट को लेकर यहाँ जोरदार हिंसा हुई थी। हिंसा में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि उपद्रवियों ने हिंसा करते हुए कई सरकारी और निजी वाहनों को ध्वस्त कर दिया था। इस दौरान उन्होंने बैरीकेडिंग को भी तोड़ दिया था। यही नहीं इन आरोपियों ने हॉस्पिटल्स में भी तोड़फोड़ की थी। इस मामले में पुलिस ने गंज व कोतवाली में 3 अलग-अलग मुकदमें दर्ज किए गए थे, जिसमें 278 लोगों के नाम सामने में आए थे। यूपी पुलिस इस मामले में अब तक करीब 200 लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज चुकी है। करीब 60 से ज्यादा लोग जमानत पर रिहा भी हो चुके हैं।

वहीँ अब इस मामले में रामपुर पुलिस ने सख्त रूप अख्तियार किया है। एक तरफ हिंसा करने वालों पर जहां सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की भरपाई की कार्रवाई चल रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने अब एक और शिकंजा कसा है। पुलिस ने अपनी तफ्तीश के बाद 142 लोगों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। वहीँ अब इस हिंसक मामले में 67 आरोपियों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है। बाकि बचे लोगों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई प्रक्रिया में है। इन सभी को जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी कोर्ट से नोटिस जारी करना शुरू कर दिया गया है। रामपुर के पुलिस कप्तान शगुन गौतम ने बताया कि सिटीज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट के विरोध में हुई हिंसा के 142 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें से 67 आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है। शेष पर कार्रवाई की जा रही है।

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