कृषि कानून के विरोध में हनुमान बेनीवाल, एनडीए से तोड़ा नाता

कृषि कानूनों के विरोध पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने बड़ा झटका दिया है। बीजेपी सरकार एक तरफ किसानों को समझाने में जुटी है .

नई दिल्ली: कृषि कानून का विरोध जहां एक तरफ किसान सड़को पर कर रहे वही किसानों के समर्थन में विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे है। कृषि कानूनों के विरोध पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने बड़ा झटका दिया है। बीजेपी सरकार एक तरफ किसानों को समझाने में जुटी है तो वही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेता हनुमान बेनीवाल ने किसान आंदोलन के बीच एनडीए का दामन छोड़ दिया।

आरएलपी के नेता हनुमान बेनीवाल ने कहा कि शिवसेना और अकाली दल ने पहले ही एनडीए का साथ छोड़ दिया है और अब आरएलपी ने भी एनडीए का साथ छोड़ने का मन बना लिया है। हनुमान बेनीवाल ने आज शनिवार को ऐलान करते हुए कहा कि ये तीनों बिल किसानों के खिलाफ हैं और केंद्र सरकार इन्हे वापिस न लेने की जिद्द पर अड़ी हुई है। एनडीए से अलग होने के ऐलान के बाद हनुमान बेनीवाल ने मीडिया से बात की और कहा तीन कृषि कानून बिल के विरोध में आज मैंने एनडीए छोड़ दी है। एनडीए छोड़ने के बाद कांग्रेस के साथ जाने का सवाल जब हनुमान बेनीवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करूंगा।

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वही नागौर सांसद ने कहा, “मैंने किसानों के समर्थन में एनडीए का साथ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि केंद्र सरकार ने जो तीन कृषि कानून बनाए हैं, वो किसान विरोधी हैं। लेकिन मेरे एनडीए छोड़ने का अर्थ यह नहीं कि हमारी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी।” बेनीवाल ने कहा कि मोदी सरकार के पास 303 सांसद हैं, इस वजह से वह कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है।

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