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Haridwar Mahakumbh 2021: कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं पर लागू नही होंगी- ये पाबंदी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने कहा कि केन्द्र द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइंस के अलावा कोई भी पाबंदी कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं पर लागू नहीं होगी

देहरादून: हरिद्वार महाकुंभ (Haridwar Mahakumbh) 2021 के तहत मीडिया सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (CM Tirath Singh Rawat) ने करीब 120 करोड़ की लागत की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि, महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

कोरोना गाइडलाइंस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने कहा कि केन्द्र द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइंस (Corona Guidelines) के अलावा कोई भी पाबंदी कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं पर लागू नहीं होगी। देश और दुनिया के श्रद्धालु हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में आ सकते हैं। आवश्यक टेंट लगेंगे, शौचालय बनेंगे और सभी महामंडलेश्वर को जगह व अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।

आस्था का सबसे बड़ा कुंभ मेला (Kumbh Mela) इस बार उत्तराखंड की देव भूमि हरिद्वार में आयोजित हो रहा है। कुंभ मेला की शुरूआत 1 अप्रैल से होगी और समापन 30 अप्रैल को होगा। जिसके लिए कुंभ में कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए भारत सरकार ने सभी यात्रियों के लिए कोविड-19 (COVID-19) की निगेटिव रिपोर्ट और सर्टिफिकेट को मुख्य रूप से अनिवार्य किया है।

30 दिन चलेगा मेला

उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया था कि कुंभ मेला (Kumbh Mela) इस साल 1 से 30 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। कोरोना महामारी के मद्देनजर मेला​ सिर्फ 30 दिन चलेगा। गृह मंत्रालय ने 65 साल से अधिक उम्र के लोगों और गर्भवती महिलाओं एंव 10 साल के कम उम्र के बच्चों को कुंभ मेले में न आने की सलाह दी है

कुंभ में शाही स्नान

देव भूमि हरिद्वार में श्रद्धालु हर साल कुंभ के मेले में आस्था कि डूबकी लगाते है। इस साल कुंभ का पावन मेले का शुभारंभ 1 अप्रैल से हो रहा है। कुंभ में साधु-संतो के चार शाही स्नान होते हैं। इस मेले में दुनियाभर के लोग गंगा में स्नान करने के लिए आते है। यह मेला 48 दिनों तक चलता रहता है। इस मेले में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाता है।

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